Haryana News: हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां सभी किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवा लिया है। इस पंजीकरण के जरिए किसानों को विभिन्न सब्सिडी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और कृषि विभाग को किसानों की वास्तविक जरूरतों का आकलन करने में मदद मिल रही है।
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खाद की मांग के अनुसार स्टॉक
यमुनानगर के कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि भविष्य में किसानों को कितनी यूरिया खाद उपलब्ध करवाई जाएगी, यह पूरी तरह उनके पंजीकरण पर आधारित होगा। विभाग किसानों की मांग के अनुसार एडवांस में खाद का स्टॉक तैयार करेगा। इससे न केवल किसानों को समय पर खाद मिलेगी बल्कि कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।
धान और गन्ने की फसल
डबास ने बताया कि उनके क्षेत्र में लगभग 1 लाख 80 हजार एकड़ में धान की बुवाई होती है और जून-जुलाई के दौरान खाद की मांग बढ़ जाती है। इसी समय गन्ने की फसल में भी खाद की आवश्यकता होती है। इस मांग को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पर्याप्त खाद का स्टॉक मंगवाया है। पिछले सीजन में किसानों को खाद की कोई कमी नहीं रही, जिसका श्रेय इस पंजीकरण प्रणाली को जाता है।
सब्सिडी में बचत
डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि वर्ष 2025-26 में किसानों को सब्सिडी के रूप में मिलने वाली खाद की आपूर्ति 6 लाख 13 हजार बैग कम की गई। इसके चलते सरकार को 123 करोड़ रुपये की बचत हुई। उन्होंने कहा कि किसानों की वास्तविक मांग पूरी की गई लेकिन अतिरिक्त आपूर्ति और कालाबाजारी को रोका गया। इस व्यवस्था से किसानों को खाद समय पर मिली और सरकार को सब्सिडी की राशि बचाने में सफलता मिली।
किसानों को सीधा लाभ
डबास ने स्पष्ट किया कि अब मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत किसानों को सभी सुविधाएं और सब्सिडी उपलब्ध होंगी। सरकार के पास किसानों की भूमि का पूरा रिकॉर्ड है और उसी के आधार पर उन्हें लाभ दिया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुसार सहायता मिलेगी।










