Haryana News: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, बेकार कानूनों और नियमों की होगी छुट्टी

हरियाणा सरकार सभी राज्य कानूनों, नियमों, नीतिगत दस्तावेजों, अधिसूचनाओं और परिपत्रों के लिए एक एकीकृत 'सेंट्रलाइज्ड डिजिटल ऑनलाइन पोर्टल' विकसित कर रही है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 11, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, चुस्त-दुरुस्त और जनता के अनुकूल बनाने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में सालों से चले आ रहे पुराने, जटिल और अब अनुपयोगी हो चुके नियमों, कानूनों और सरकारी आदेशों को पूरी तरह से समाप्त करने या उन्हें सरल बनाने की मुहिम शुरू कर दी है। इस बड़े प्रशासनिक सुधार का सीधा उद्देश्य आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने, लालफीताशाही (Red Tapism) और गैर-जरूरी कानूनी अड़चनों से मुक्ति दिलाना है।

अक्सर देखा जाता है कि कई ऐसे नियम और सरकारी नीतियां दशकों से लागू रहती हैं, जिनकी वर्तमान डिजिटल युग में कोई प्रासंगिकता नहीं रह जाती। ऐसे जटिल नियम न केवल सरकारी कामकाज में देरी का कारण बनते हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी बड़ी परेशानी खड़ी करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब सरकार इन सभी अनुपयोगी हो चुके नियमों की व्यापक समीक्षा कर रही है ताकि जनता को सीधी राहत दी जा सके।

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एक ही डिजिटल पोर्टल पर मिलेंगे सभी सरकारी दस्तावेज

इस बड़े सुधार के तहत हरियाणा सरकार एक अत्याधुनिक और एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल (Single Digital Repository) विकसित करने जा रही है। इस एकल खिड़की डिजिटल पोर्टल पर राज्य सरकार के सभी कानून, नियम, सरकारी आदेश, परिपत्र (Circulars), अधिसूचनाएं (Notifications) और नीतियां एक ही जगह डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस डिजिटल पोर्टल की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार होंगी

पोर्टल के भीतर एक एडवांस सर्च बार दिया जाएगा, जिससे कोई भी आम नागरिक या कर्मचारी केवल एक कीवर्ड टाइप करके किसी भी विभाग से जुड़े नियम या आदेश को तुरंत ढूंढ सकेगा।

पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए सभी सरकारी दस्तावेजों को उनके संबंधित विभाग (Department), विषय (Subject) और अंतिम अपडेट की सटीक तारीख (Date of Last Update) के हिसाब से बेहद करीने से व्यवस्थित (Categorize) किया जाएगा।

एक ही जगह सारी अपडेटेड नीतियां होने से जनता और वकीलों को पुराने व नए आदेशों के बीच भ्रमित नहीं होना पड़ेगा।

सभी विभागों को सख्त निर्देश

इस डिजिटल संग्रह (Digital Archive) को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में है। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

सभी विभागों को ताकीद की गई है कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित सभी अधिनियमों, नियमों, विनियमों, आदेशों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच करें। इन सभी दस्तावेजों की साफ सुथरी ‘सॉफ्ट कॉपी’ (Soft Copy) तैयार करके हर हाल में 25 जून 2026 तक संबंधित नोडल एजेंसी या कमेटी के पास जमा करानी होगी। इस समय सीमा के भीतर डेटा संकलन का काम पूरा होते ही पोर्टल को लाइव करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

जटिल और दोहराए गए नियमों की समीक्षा

दस्तावेजों को डिजिटल करने के साथ-साथ सरकार का सबसे बड़ा फोकस नियमों के सरलीकरण (Simplification of Rules) पर है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा प्रक्रिया चलाई जा रही है। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य उन नियमों की पहचान करना है, जो कानून ब्रिटिश काल के या दशकों पुराने हैं और आज के दौर में व्यावहारिक नहीं हैं, उन्हें पूरी तरह खत्म किया जाएगा।

जिन नियमों की भाषा या प्रक्रिया इतनी कठिन है कि आम जनता को समझ नहीं आती, उन्हें बेहद सरल हिंदी और अंग्रेजी भाषा में री-ड्राफ्ट किया जाएगा।

कई बार एक ही विषय पर दो अलग-अलग विभागों के नियम आपस में टकराते हैं या बार-बार दोहराए जाते हैं। ऐसी विसंगतियों को दूर कर एक स्पष्ट नीति बनाई जाएगी।

सरकार के इस दूरदर्शी कदम से न केवल हरियाणा में ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी और भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी शासन का संकल्प पूरा होगा।

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