Haryana News: हरियाणा बिजली निगम ने बिजली लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। अब से जेई, लाइनमैन और एरिया लाइनमैन को बिजली लाइन पर कार्य शुरू करने से पहले लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना लिखित परमिशन के बिजली कट नहीं लगाया जा सकेगा। निगम ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
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पुरानी व्यवस्था और खतरे
पहले बिजली कट लगाने और सप्लाई शुरू करने की प्रक्रिया फोन पर संपर्क के जरिए की जाती थी। कई बार लापरवाही या गलतफहमी के चलते काम चलने के दौरान ही बिजली सप्लाई चालू कर दी जाती थी। इस वजह से कर्मचारियों के साथ हादसे होने का खतरा बना रहता था। कई मामलों में कर्मचारी करंट की चपेट में आकर घायल हुए हैं।
हादसों के आंकड़े
निगम के आंकड़ों के अनुसार, हर माह औसतन 8 कर्मचारी काम करते समय करंट की चपेट में आकर घायल हो रहे हैं। यानी लगभग हर सप्ताह दो कर्मचारी चोटिल होते हैं। इतना ही नहीं, हर दो माह में एक से दो कर्मचारियों की मौत तक हो रही है। लगातार बढ़ते हादसों को देखते हुए निगम ने सुरक्षा नियमों को और सख्त कर दिया है।
नए नियमों की व्यवस्था
जारी आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब तक बिजली लाइन पर कार्य चलता रहेगा, तब तक बिजली कट जारी रहेगा। कर्मचारी द्वारा लिखित में कार्य पूरा होने की पुष्टि देने के बाद ही बिजली सप्लाई दोबारा शुरू की जाएगी। इस नई व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि काम के दौरान बिजली सप्लाई गलती से चालू न हो और कर्मचारियों की जान सुरक्षित रहे।
सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास
बिजली निगम का कहना है कि नए नियम लागू होने से कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और करंट से होने वाले हादसों में कमी आएगी। यह बदलाव न केवल कर्मचारियों के जीवन की रक्षा करेगा बल्कि कार्यस्थल पर अनुशासन और जिम्मेदारी भी बढ़ाएगा।










