Haryana News: हरियाणा सरकार राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ श्रमिक कल्याण को भी एक नई दिशा दे रही है। श्रम मंत्री अनिल विज के नेतृत्व में प्रदेश की श्रम व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और सामाजिक सुरक्षा से भरपूर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को सम्मानजनक कार्य वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और तकनीकी रूप से सक्षम ढांचा उपलब्ध कराना है।
इस दिशा में किए जा रहे प्रमुख सुधारों को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
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1. न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि से आर्थिक राहत
श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू करते हुए अकुशल श्रमिकों की मासिक न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की है। श्रम मंत्री अनिल विज ने इसे श्रमिक वर्ग की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से लाखों श्रमिक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी क्रय शक्ति बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
2. ‘श्रम मित्र’ ऐप: श्रम क्षेत्र की डिजिटल क्रांति
परंपरागत श्रम चौकों की व्यवस्था को आधुनिक डिजिटल प्रणाली में बदलने के लिए ‘श्रम मित्र’ मोबाइल एप्लीकेशन की शुरुआत की गई है। यह ऐप श्रमिकों और नियोजकों (Employers) के बीच सीधा संपर्क स्थापित करता है।
श्रमिकों के लिए: वे अपने कौशल और अनुभव का पंजीकरण कर सकते हैं।
नियोजकों के लिए: वे अपनी जरूरत के अनुसार सीधे श्रमिकों से संपर्क कर सकते हैं।
विशेषताएं: इसमें स्थान आधारित तकनीक (Location-based technology) और दूरी की जानकारी जैसी सुविधाएं हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है।
3. स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण और ESI अस्पतालों का विस्तार
श्रमिकों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों (जैसे मानेसर, बावल, खरखौदा, फरीदाबाद, रोहतक और सोहना) में कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) अस्पतालों और औषधालयों का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए सरकार रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध करा रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से सुलभ हो सकें।
4. श्रमिक कैंटीन: सस्ता और पौष्टिक भोजन
दैनिक वेतनभोगी और निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों के पोषण का ध्यान रखते हुए श्रमिक बहुल क्षेत्रों में विशेष कैंटीनों की व्यवस्था की जा रही है। इन कैंटीनों के माध्यम से श्रमिकों को बेहद सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार हो सके।
5. ‘उद्योग-श्रम मैत्री’ व्यवस्था से बेहतर समन्वय
उद्योगों की उत्पादकता बढ़ने और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ‘उद्योग-श्रम मैत्री’ मॉडल को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत:
श्रमिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
श्रम कानूनों का पारदर्शी पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
उद्योगों और श्रमिक संगठनों के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जा रहा है।
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