Haryana News: सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ में लगातार बढ़ते ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान तेजी पकड़ रहा है। इसी कड़ी में रविवार को ‘प्रयोग फाउंडेशन’ और ‘सर्व प्रेम फाउंडेशन’ के संयुक्त तत्वावधान में सुखना झील पर ‘ध्वनि-द पीस प्रोजेक्ट’ के तहत एक भव्य साइलेंट वॉक (मूक पदयात्रा) का आयोजन किया गया। इस अनूठे कार्यक्रम में शहर के सौ से अधिक प्रबुद्ध नागरिकों, प्रतिष्ठित चिकित्सकों, आईटी प्रोफेशनल्स और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
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तख्तियों और फ्लैश मॉब के जरिए शांति का संदेश
रविवार के दिन सुखना लेक पहुंचे पर्यटकों और शहरवासियों को जागरूक करने के लिए प्रतिभागियों ने एक बेहद रचनात्मक तरीका अपनाया। कार्यक्रम के दौरान लोगों के हाथों में ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों को दर्शाने वाली तख्तियां थीं।
साइलेंट वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने अपने मुंह पर उंगली रखकर शोर न करने और शांति बनाए रखने का संदेश देते हुए एक आकर्षक फ्लैश मॉब का भी आयोजन किया। इस मूक प्रदर्शन ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि किस तरह अनावश्यक शोर हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है।
हस्ताक्षर अभियान और मेडिटेशन सत्र का आयोजन
सुखना झील परिसर में ही ध्वनि प्रदूषण के विरोध में एक बड़े हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान झील पर घूमने आए पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ बैनर पर हस्ताक्षर किए और इस गंभीर समस्या के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
कार्यक्रम के दौरान सुनील गगनेजा द्वारा शांति की वास्तविक ताकत को महसूस कराने के लिए एक संक्षिप्त मेडिटेशन (ध्यान) सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने शामिल होकर मानसिक शांति और मौन के महत्व को समझा।
आयोजकों ने जताई चिंता
सर्वप्रेम फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. प्रेम ओझा और संस्थापक सदस्य रोमिका वढेरा ने इस अवसर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ध्वनि प्रदूषण आज के समय में तेजी से विकराल होती एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। यदि समय रहते इस ओर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो यह भविष्य में मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है।
उन्होंने बताया कि आज के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सुखना लेक पर आने वाले लोगों को जागरूक करना था। सुखना को शहर का एक शांत और नैसर्गिक क्षेत्र माना जाता है, यहाँ पास में ही बर्ड पार्क भी स्थित है, लेकिन लगातार बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण के कारण इस क्षेत्र की प्राकृतिक शांति और सुकून भंग हो रहा है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रयोग फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने आगे की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ यह जागरूकता अभियान यहीं नहीं रुकेगा। इस अभियान के तहत पहले ही शहर के कई स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है।
आने वाले दिनों में इस मुहिम को और व्यापक बनाते हुए पीजीआई चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) और जीएमसीएच-32 (GMCH-32) के बाहर विशाल ह्यूमन चेन (मानव श्रृंखला) बनाई जाएगी, ताकि अस्पतालों के आसपास के शांत क्षेत्रों (साइलेंट जोन) में शोर के दुष्परिणामों के प्रति आम जनता को और अधिक जागरूक किया जा सके।
रविवार के इस सफल आयोजन में डॉ. कविता शर्मा, संजय ओझा, आराधना ओझा और प्रदीप सहित चंडीगढ़ के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नेक मुहिम को अपना पूरा समर्थन दिया।
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