Haryana News: हरियाणा में पिछले कई दिनों से जारी निकाय कर्मचारियों की हड़ताल अब गंभीर स्थिति में पहुंच चुकी है। प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जिसके कारण सड़कों पर हजारों टन कचरा जमा हो चुका है। लगातार बढ़ती गंदगी और दुर्गंध से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच राज्य सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए हड़ताली कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया है।
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12 दिन से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था
हरियाणा में निकाय कर्मचारियों की हड़ताल को 12 दिन से अधिक समय हो चुका है। सफाई कर्मचारियों के काम बंद करने के कारण प्रदेश की सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में कचरे के ढेर लग गए हैं। बताया जा रहा है कि राज्यभर में करीब 12 हजार टन कचरा जमा हो चुका है। कई जगहों पर बदबू और गंदगी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
आज होगी सरकार और कर्मचारियों के बीच वार्ता
बढ़ते संकट को देखते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने हड़ताली कर्मचारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। यह बैठक चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित की जाएगी, जहां विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की आयुक्त एवं सचिव डॉ. सुनीता मिश्रा और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा शामिल होंगे। वहीं कर्मचारियों की ओर से हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री प्रतिनिधित्व करेंगे।
दमकल कर्मियों और लंबित मांगों का मुद्दा भी उठेगा
हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ ने साफ कर दिया है कि इस बैठक में केवल सफाई कर्मचारियों की समस्याएं ही नहीं बल्कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे दमकल कर्मियों की मांगों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारियों को लंबे समय से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक हड़ताल खत्म करने पर विचार नहीं किया जाएगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण पर भी पड़ा असर
निकाय कर्मचारियों की हड़ताल का असर केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान भी प्रभावित हो रहा है। कई शहरों में सफाई व्यवस्था बिगड़ने के कारण रैंकिंग पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो शहरी क्षेत्रों में हालात और खराब हो सकते हैं। ऐसे में सरकार और कर्मचारियों के बीच होने वाली यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है।
सरकार को सकारात्मक समाधान की उम्मीद
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निकाय मंत्री की मौजूदगी में होने वाली इस वार्ता से कोई सकारात्मक रास्ता निकलेगा और जल्द ही हड़ताल समाप्त हो सकती है।
अब सभी की नजरें आज होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि इससे न केवल कर्मचारियों के भविष्य बल्कि प्रदेश की सफाई व्यवस्था और आम जनता की परेशानी का समाधान भी जुड़ा हुआ है।










