Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में दशकों से निवास कर रहे हजारों परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने ‘हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) नियम 1964’ में बड़ा संशोधन करते हुए, शामलात देह भूमि पर बने मकानों के मालिकाना हक पाने की प्रक्रिया को और अधिक सरल और सुलभ बना दिया है।
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हरियाणा का बड़ा फैसला
हरियाणा सरकार के विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार ने ‘हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) चतुर्थ संशोधन नियम-2026’ को अधिसूचित कर दिया है। इस बदलाव के तहत, वे परिवार जो 31 मार्च 2004 से पहले से शामलात भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं, अब अपने घरों पर कानूनी रूप से अपना स्वामित्व प्राप्त कर सकेंगे। यह निर्णय उन हजारों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है जो वर्षों से सरकारी जमीन पर तो रह रहे थे, लेकिन मालिकाना हक न होने के कारण कई तरह की सरकारी सुविधाओं और वित्तीय लाभों से वंचित थे।
आवेदन की समय सीमा में दो साल की विस्तार
इस संशोधन की सबसे प्रमुख विशेषता आवेदन करने की समय सीमा को बढ़ाना है। पहले इस प्रक्रिया के लिए केवल 12 महीने (एक साल) की समय सीमा निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 2 साल कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि पिछले कुछ समय में कई पात्र परिवार तकनीकी दिक्कतों या जानकारी के अभाव में आवेदन नहीं कर पाए थे। इस विस्तार से उन सभी परिवारों को अपने घरों को अपने नाम करवाने का एक और सुनहरा अवसर मिलेगा।
जिला उपायुक्तों (DC) को मिले विशेष अधिकार
अक्सर देखा गया था कि विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक के पास ही सारे अधिकार होने के कारण फाइलों के निपटान में देरी होती थी। अब सरकार ने विकेंद्रीकरण (Decentralization) की दिशा में कदम उठाते हुए मालिकाना हक देने के अधिकार को जिला स्तर पर बढ़ा दिया है। अब संबंधित जिले के उपायुक्त (DC) के पास भी इन मामलों में मालिकाना हक प्रदान करने का अधिकार होगा। इससे आवेदनों का निपटान न केवल तेजी से होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान भी सुगमता से हो सकेगा।
ग्रामीण परिवारों के लिए विकास के नए द्वार
यह संशोधन न केवल मालिकाना हक दिलाने के लिए है, बल्कि यह ग्रामीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। मालिकाना हक मिलने के बाद, ग्रामीण परिवार अपने घरों का नवीनीकरण कर सकेंगे, बैंक से ऋण प्राप्त कर सकेंगे और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा पाएंगे। शामलात भूमि पर दशकों से बसे लोग अब बिना किसी भय के अपने घरों के मालिक कहलाएंगे।
सरकार की ओर से इस संबंध में जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश और औपचारिक अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। इस कदम को हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और साहसी निर्णय माना जा रहा है।
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