Haryana News: अगस्त से सरसों तेल की नई सप्लाई बंद, राशन दुकानों पर बचे तेल का क्या होगा?

हरियाणा सरकार ने अगस्त से डिपुओं पर सरसों के तेल की नई सप्लाई बंद कर दी है। इसके चलते डिपुओं में बचा हुआ तेल अब राशन कार्ड धारकों को 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर 31 अगस्त तक वितरित किया जाएगा।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 26, 2026

Haryana News: हरियाणा के राशन कार्ड धारकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और काम की खबर सामने आई है। राज्य सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए आगामी अगस्त महीने से राशन डिपुओं के माध्यम से मिलने वाले सरसों के तेल की नई आपूर्ति पर रोक लगा दी है। नई सप्लाई बंद होने के बाद डिपुओं में पहले से उपलब्ध बचे हुए तेल को लेकर सरकार ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब यह बचा हुआ स्टॉक उपभोक्ताओं में ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के पारदर्शी नियम के तहत वितरित किया जाएगा।

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डिपुओं में मौजूद है 20 लाख लीटर से अधिक का स्टॉक

भले ही सरकार ने अगस्त से सरसों के तेल की नई आपूर्ति पर रोक लगा दी हो, लेकिन इसके बावजूद प्रदेशभर के विभिन्न राशन डिपुओं पर भारी मात्रा में तेल का स्टॉक अभी भी सुरक्षित रखा हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस समय हरियाणा के कोने-कोने में बने डिपुओं में लगभग 20,23,874 लीटर सरसों का स्टॉक शेष बचा हुआ है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निदेशक ने इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए सभी जिलों के खाद्य नियंत्रकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डिपुओं में रखा यह लाखों लीटर बेशकीमती तेल समय रहते सही सलामत उपभोक्ताओं तक पहुंच जाए और किसी भी स्थिति में खराब न होने पाए।

‘पहले आओ-पहले पाओ’ की नीति और मुनादी के निर्देश

बचे हुए तेल के इस विशाल स्टॉक को पारदर्शी और सुगम तरीके से जनता तक पहुंचाने के लिए विभाग ने डिपो संचालकों को विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। इसके तहत सभी डिपो धारकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 31 अगस्त तक इस बचे हुए स्टॉक का शत-प्रतिशत वितरण पूरा कर लें।

वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और सरल बनाने के लिए यह तय किया गया है कि राशन कार्ड धारकों को समय पर जानकारी मिल सके। इसके लिए स्थानीय स्तर पर ढोल-नगाड़ों या अन्य माध्यमों से मुनादी (सार्वजनिक घोषणा) करवाई जाएगी, ताकि आसपास के सभी उपभोक्ता डिपो पर पहुंचकर तय नियमों के अनुसार इस तेल का लाभ उठा सकें। यह वितरण पूरी तरह से ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के सिद्धांत पर आधारित होगा।

क्यों लिया गया सरकार ने यह अहम फैसला?

इस नीतिगत बदलाव के पीछे एक व्यावहारिक कारण जुड़ा हुआ है। लंबे समय से ‘ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा’ और विभिन्न डिपो संचालक लगातार यह आशंका जता रहे थे कि डिपुओं में लंबे समय से रखा यह तेल यदि समय पर वितरित नहीं किया गया, तो इसके खराब होने या व्यर्थ होने का खतरा बढ़ सकता है।

संचालकों की इस चिंता और मांग को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं विभाग ने यह व्यावहारिक कदम उठाया है। सरकार के इस त्वरित निर्णय से न केवल डिपुओं में जगह खाली होगी, बल्कि समय सीमा के भीतर जरूरतमंद राशन कार्ड धारकों तक सरसों का बचा हुआ तेल भी सुरक्षित पहुंच जाएगा।

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