बसपा का ‘एकला चलो’ प्लान, यूपी-उत्तराखंड और पंजाब में अपने दम पर उतरेगी पार्टी

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मं घोषणा की कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ेगी। लखनऊ स्थित केंद्रीय कार्यालय में पंजाब इकाई की समीक्षा बैठक के बाद जारी बयान में मायावती ने कहा कि पंजाब में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बसपा पंजाब का चुनाव भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह बिना किसी से कोई गठबंधन एवं समझौता किए हुए अकेले अपने बलबूते

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Published On :

अगस्त 26, 2026

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लखनऊ 
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मं घोषणा की कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ेगी। लखनऊ स्थित केंद्रीय कार्यालय में पंजाब इकाई की समीक्षा बैठक के बाद जारी बयान में मायावती ने कहा कि पंजाब में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बसपा पंजाब का चुनाव भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह बिना किसी से कोई गठबंधन एवं समझौता किए हुए अकेले अपने बलबूते पर ही लड़ेगी। मायावती ने कहा कि चुनावी गठबंधन से पार्टी को सीट और वोट प्रतिशत दोनों में नुकसान होने की आशंका रहती है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने आगामी चुनाव में कर्मठ और ईमानदार लोगों को ही पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने की बात कही।

जनविरोधी रवैये से जनता त्रस्त
बसपा प्रमुख ने कहा कि बेहतर चुनाव परिणाम हासिल कर पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा की ''जनविरोधी नीतियों'' से त्रस्त जनता को राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। बसपा प्रमुख ने अगले वर्ष की शुरुआत में प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव में कर्मठ और ईमानदार लोगों को उम्मीदवार बनाने पर जोर दिया, ताकि आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जनविरोधी रवैये से त्रस्त जनता को 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की आंबेडकरवादी नीतियों का लाभ मिल सके।

मायावती ने कार्यकर्ताओं से की ये अपील
उन्होंने कार्यकर्ताओं से नौ अक्टूबर को बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पूरी तैयारी के साथ मनाने तथा 15 जनवरी 2027 को 'जनकल्याणकारी दिवस' के अवसर पर पार्टी के आर्थिक सहयोग को पिछली बार से बेहतर बनाने का आह्वान किया। मायावती ने कहा कि पिछली अखिल भारतीय बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों पर मिले फीडबैक के आधार पर कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विरोधियों के ''साम, दाम, दंड, भेद'' जैसे हथकंडों का डटकर मुकाबला करते हुए आगामी चुनावों में बेहतर परिणाम के लिए पूरी तैयारी करने को कहा है।

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