UP Politics: अखिलेश के महिला दांव से यूपी में घमासान, केशव मौर्य के बयान पर भड़के शिवपाल

उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सालाना ₹40 हजार देने के सपा के ऐलान पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। केशव प्रसाद मौर्य ने सपा पर निशाना साधा तो शिवपाल यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में ₹40 हजार पहुंचने की बात से बीजेपी के हाथ-पांव फूल गए हैं।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 26, 2026

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले महिलाओं को लेकर समाजवादी पार्टी के बड़े ऐलान ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की अगुवाई में हुई प्रेस वार्ता में महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने का वादा किया गया। सपा ने इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए अपनी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बताया है।

सपा के वादे को डिप्टी सीएम ने बताया छलावा

बताते चले कि, सपा के इस ऐलान पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता केशव प्रसाद मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के मुंह से महिला सुरक्षा और सम्मान की बात महज छलावा है। केशव प्रसाद मौर्य ने सपा के शासनकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच प्रदेश ने कथित तौर पर गुंडागर्दी, अपराध, माफिया, दंगाइयों और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाली राजनीति देखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं सपा के पुराने कार्यकाल और उसकी राजनीति को अच्छी तरह समझती हैं।

केशव मौर्य ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर साधा निशाना

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव को 2027 से 2047 तक उत्तर प्रदेश की सत्ता मिलने वाली नहीं है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भी लंबे समय तक देश की सत्ता मिलने की संभावना नहीं है।

केशव मौर्य ने सपा के PDA नारे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने इसे ‘परिवार डेवलपमेंट एजेंसी’ बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं सपा की कथित चाल, जाल और झांसे को समझती हैं और उसके बहकावे में नहीं आएंगी।

शिवपाल यादव ने केशव मौर्य को दिया करारा जवाब

केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर जसवंतनगर से विधायक और सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में 40 हजार रुपये पहुंचाने की बात होते ही बीजेपी नेताओं के हाथ-पांव फूल गए हैं।

शिवपाल यादव ने सवाल उठाया कि अगर महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगी तो बीजेपी को इससे परेशानी क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सोच महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक मजबूती देने की है।

शिवपाल का BJP सरकार से महिला सुरक्षा पर हिसाब मांगने का सवाल

शिवपाल सिंह यादव ने बीजेपी सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के महिला सशक्तीकरण के विचार से घबराने के बजाय बीजेपी को अपने कार्यकाल के महिला सुरक्षा और रोजगार के कामों का हिसाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब महिलाएं सिर्फ राजनीतिक घोषणाएं सुनने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि सरकार से सवाल भी पूछेंगी और उनके जवाब भी मांगेंगी। शिवपाल के इस बयान के बाद सपा और बीजेपी के बीच महिला सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सहायता को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

अखिलेश यादव ने बताया ‘आधी आबादी की पूरी आजादी’ का संकल्प

दरअसल, 26 अगस्त को लखनऊ में हुई प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए सालाना 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था। उन्होंने इसे ‘आधी आबादी की पूरी आजादी’ का संकल्प बताया। अखिलेश यादव के मुताबिक, समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने का प्रावधान किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मदद करना है।

यूपी चुनाव 2027 से पहले महिला वोटरों पर बढ़ा फोकस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले महिलाओं को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है। सपा के ₹40 हजार सालाना सहायता के वादे के बाद बीजेपी ने जहां पिछली सपा सरकार के कार्यकाल और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं सपा ने बीजेपी सरकार से महिला सुरक्षा और रोजगार का हिसाब मांगना शुरू कर दिया है।

ऐसे में महिला सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण आने वाले चुनाव में बड़े राजनीतिक मुद्दे बन सकते हैं। अब देखना होगा कि सपा के इस बड़े चुनावी वादे पर बीजेपी की ओर से आगे क्या जवाब आता है और महिला वोटरों के बीच दोनों दल अपनी-अपनी रणनीति को किस तरह मजबूत करते हैं।

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