Haryana News: हरियाणा में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कवायद, 39 शहरों पर सरकार का फोकस

हरियाणा में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सड़कों पर बढ़ रहे भारी वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए सरकार ने 39 शहरों में आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 16, 2026

Haryana News: हरियाणा में तेजी से बढ़ रही औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच शहरों की सड़कों पर भारी वाहनों के लगातार बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाया है। प्रदेश के 39 प्रमुख शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए बाहरी क्षेत्रों में आधुनिक ‘ट्रांसपोर्ट नगर’ विकसित करने की बड़ी योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने करीब 8 हजार एकड़ जमीन जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे आने वाले समय में शहरी यातायात को पूरी तरह सुगम बनाया जा सके।

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ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से मांगी गई जमीन की पेशकश

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हरियाणा में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कवायद

सरकार ने इस परियोजना को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए भू-स्वामियों (Landowners) और जमीन एग्रीगेटर्स से ‘ई-भूमि पोर्टल’ के जरिए जमीन के प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। जो भी इच्छुक भू-स्वामी अपनी जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए देना चाहते वे आगामी 31 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर अपना प्रस्ताव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।

फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस चरणबद्ध तरीके से पर्याप्त जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है। जमीन जुटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, प्राप्त होने वाले सभी प्रस्तावों की शहरवार भौगोलिक स्थिति, कनेक्टिविटी और उसकी उपयुक्तता का बारीकी से आकलन किया जाएगा।

शहरों के भीतर से बाहर शिफ्ट होंगी ट्रांसपोर्ट गतिविधियां

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हरियाणा में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कवायद

वर्तमान समय में राज्य के अधिकांश शहरों के भीतर मुख्य सड़कों और बाजारों के आसपास ट्रक खड़े रहते हैं, जिससे दिनभर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। माल की लोडिंग और अनलोडिंग (चढ़ाने-उतारने) का काम भी सड़कों पर ही होता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगरों के निर्माण से इन सभी समस्याओं का समाधान निकलेगा। ट्रक पार्किंग, वेयरहाउस और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी तमाम व्यावसायिक गतिविधियों को शहर से बाहर एक निर्धारित और व्यवस्थित स्थान मिल जाएगा। इससे मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों की निर्भरता खत्म होगी और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकेगी।

एनसीआर और प्रमुख औद्योगिक बेल्ट को योजना में किया गया शामिल

सरकार ने इस योजना के दायरे को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर राज्य के सभी प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक केंद्रों तक फैलाया है।

एनसीआर क्षेत्र: गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे प्रमुख एनसीआर शहरों के साथ-साथ सोनीपत, खरखौदा, बहादुरगढ़, रोहतक और झज्जर को इसमें विशेष रूप से शामिल किया गया है।

औद्योगिक बेल्ट: रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल जैसे घने औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जहां माल ढुलाई का दबाव सबसे अधिक रहता है।

अन्य व्यापारिक शहर: इसके अलावा सांपला, गन्नौर, गोहाना, समालखा, नरवाना और अन्य महत्वपूर्ण कस्बों को भी इस सूची में जगह मिली है, जिससे इस योजना का लाभ मध्य हरियाणा तक पहुंचेगा।

पारदर्शी योजना और भविष्य का खाका

सरकार द्वारा 39 शहरों के लिए कुल 8 हजार एकड़ जमीन की आवश्यकता तय की गई है। जमीन मिलने के बाद ही हर शहर के लिए ट्रांसपोर्ट नगर का सटीक क्षेत्रफल, डिजाइन और आधुनिक सुविधाओं का खाका तैयार होगा। इस योजना से न सिर्फ शहरों को प्रदूषण और जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को भी एक नया और आधुनिक ढांचा प्राप्त होगा।

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