Haryana News: भारतीय रेलवे ने पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद, देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन का नियमित परिचालन रविवार से जींद-सोनीपत रेलखंड पर शुरू हो गया है। यह परियोजना न केवल तकनीकी नवाचार का प्रतीक है, बल्कि हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम भी है।
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सामान्य किराया और सुविधा
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अत्याधुनिक तकनीक वाली ट्रेन में यात्रा करने के लिए यात्रियों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा। इसका किराया सामान्य पैसेंजर ट्रेन के समान ही रखा गया है। जींद से सोनीपत तक की यात्रा के लिए यात्री केवल 25 रुपये का सामान्य अनारक्षित टिकट खरीदकर सफर कर सकेंगे। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी, जबकि प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस) के लिए इसका संचालन बंद रहेगा। हाल ही में ट्रेन को शकूरबस्ती वर्कशॉप में आवश्यक निरीक्षण के बाद सेवा के लिए पूरी तरह तैयार किया गया है।
12 स्टेशनों का सफर
यह हाइड्रोजन ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच कुल 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस दौरान ट्रेन 12 स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। ट्रेन के सुचारू संचालन की कमान ट्रेन मैनेजर राजेश कुमार और उनके सहयोगी प्रतीक को सौंपी गई है।
इस ट्रेन का रूट और समय-सारिणी इस प्रकार है:
जींद से सोनीपत: ट्रेन सुबह 7:40 बजे जींद जंक्शन से रवाना होकर जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललितखेड़ा, भंभेवा, ईसापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, राबड़ा, लाड और मोहाना होते हुए सुबह 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इस यात्रा में ट्रेन लगभग दो घंटे का समय लेगी।
सोनीपत से जींद: वापसी में यह ट्रेन सुबह 10:40 बजे सोनीपत से चलेगी और दोपहर 1:00 बजे जींद जंक्शन पहुंचेगी। वापसी की यात्रा में लगभग 2 घंटे 20 मिनट का समय लगेगा।
पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता
हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन का संचालन भारतीय रेलवे की ‘नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ (Net Zero Carbon Emission) की रणनीति का हिस्सा है। पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में यह ट्रेन हानिकारक गैसों का उत्सर्जन नहीं करती, जिससे वायु प्रदूषण में भारी कमी आएगी। यह परियोजना न केवल आधुनिक और सुरक्षित रेल सेवा प्रदान करेगी, बल्कि भविष्य के लिए टिकाऊ परिवहन के नए द्वार भी खोलेगी।
जींद-सोनीपत रेलखंड के यात्रियों के लिए यह सेवा एक नई और सुखद यात्रा का अनुभव लेकर आई है। यह पहल साबित करती है कि भारतीय रेलवे वैश्विक मानकों के अनुरूप खुद को ढालने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, यह हाइड्रोजन ट्रेन आने वाले समय में देश के अन्य रूटों के लिए एक मॉडल साबित होगी।
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