Haryana News: पानी-सीवर की समस्या पर CM सख्त, 2,534 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में बिजली की तर्ज पर ही पेयजल समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इस कार्य में फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 24, 2026

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में जल प्रबंधन और सीवरेज व्यवस्था को लेकर एक सख्त और दूरगामी एक्शन प्लान की घोषणा की है। हरियाणा जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड की 59वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान उन्होंने 2,534 करोड़ रुपये की लागत वाली 712 नई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई।

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अधिकारियों की जवाबदेही तय

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र से पानी की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उन्होंने एक समर्पित टोल-फ्री नंबर जारी करने का सुझाव दिया। साथ ही, पाइपलाइनों के लीकेज और गंदे पानी की समस्या को खत्म करने के लिए 1,245 किलोमीटर पुरानी जर्जर पाइपलाइनों को बदलने का निर्णय लिया गया है।

‘मिशन घग्गर’ और सीवेज मैनेजमेंट

यमुना की तर्ज पर अब घग्गर नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घग्गर में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, मानसून से पहले सभी शहरों में सीवेज सफाई का विशेष अभियान चलाने और ओवरफ्लो हो रहे सीवर व खुले ढक्कनों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने को कहा गया है। महाग्राम योजना के तहत गांवों में सीवेज निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

भविष्य की रणनीति और आधुनिक बुनियादी ढांचा

आगामी वर्षों की चुनौतियों को देखते हुए, सरकार ने जल प्रबंधन के लिए एक टास्क फोर्स कमेटी के गठन का निर्णय लिया है। यह कमेटी पानी की गुणवत्ता और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के संचालन मानकों की जांच करेगी।

मुख्य प्रमुख बिंदु

विशेष फोकस: पंचकूला, रोहतक, चरखी दादरी और हांसी में पानी की समस्या को दूर करने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाएगी।

ऊर्जा दक्षता: सभी वॉटर वर्क्स पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे ताकि बिजली की बचत हो सके।

साधन-सम्पन्न निर्माण: पिंजौर, मोरनी और कालका के लिए वॉटर हाउस का निर्माण और कौशल्या डैम की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना है।

गरीब बस्तियों तक पहुंच: झुग्गी-बस्तियों और सरकारी प्लॉट वाली कॉलोनियों में पेयजल की सुलभता सुनिश्चित करने के लिए सर्वे कराया जाएगा।

पिछले कार्यों की समीक्षा और वित्तीय रोडमैप

बैठक में पिछले एक साल की प्रगति पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत राज्य में 1330 विकास कार्य पूरे किए गए। इनमें 82 नहर-आधारित वॉटर हाउस, 254 ट्यूबवेल और 4300 किलोमीटर से अधिक की पाइपलाइनें बिछाई गई हैं। कमिश्नर और सेक्रेटरी पंकज यादव ने बताया कि 2026-27 के लिए तैयार रोडमैप का उद्देश्य आधुनिक जल प्रबंधन सेवाओं को सुदृढ़ करना है। सरकार की यह प्रतिबद्धता हरियाणा को जल-सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे आने वाले समय में नागरिकों को स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वच्छता सुविधाएं मिल सकेंगी।

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