Haryana News: बिल्डिंग हादसे पर CM सैनी का भावुक संदेश, घायलों के जल्द ठीक होने की कामना

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही बहुमंजिला इमारत ढहने के हादसे पर हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने गहरा दुख जताया है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 7, 2026

Haryana News: दक्षिण दिल्ली के घनी आबादी वाले सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा सामने आया। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के बेहद करीब स्थित बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों द्वारा पीजी (पेइंग गेस्ट) के रूप में किया जा रहा था। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे के नीचे कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन की टीमें युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

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हरियाणा के मुख्यमंत्री की संवेदनाएं

इस भीषण दुर्घटना पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक करार दिया।

मुख्यमंत्री का आधिकारिक बयान

“दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निकट सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना अत्यंत पीड़ादायक है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटा हुआ है। इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से सभी के सकुशल होने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”

प्रशासनिक अमला और राहत कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। मलबे को हटाने और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए क्रेन और गैस कटर जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में दबे हर एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाना है।

छात्रों और स्थानीय लोगों में आक्रोश

सत्य निकेतन इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच रहने के लिए एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में अवैध और असुरक्षित निर्माण धड़ल्ले से चल रहे हैं, जहां नियमों को ताक पर रखकर पीजी चलाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और छात्रों का आरोप है कि इस प्रकार की इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है, जिसके कारण अक्सर ऐसे हादसे देखने को मिलते हैं। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और अवैध निर्माण के बड़े मुद्दों को सतह पर ला दिया है।

सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवालिया निशान

यह हादसा प्रशासनिक व्यवस्था और बिल्डिंग बायलॉज के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। छात्रों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे ऐसे परिसरों पर समय रहते कार्रवाई न होना बड़ी प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। फिलहाल, राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों की जान बचाने पर केंद्रित है। घटना के कारणों की जांच के बाद संबंधित पक्षों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

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