
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में चंडीगढ़ में आयोजित ‘पंचनद शोध संस्थान’ के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस गरिमामयी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान के प्रति निष्ठा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उनके इस संबोधन का मुख्य केंद्र बिंदु एक मजबूत, संगठित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारी था।
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संस्थाओं और संविधान का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि एक सशक्त लोकतंत्र की पहचान उसके संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति नागरिकों के सम्मान से जुड़ी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान केवल नियमों की एक किताब नहीं है, बल्कि यह हमारे महान राष्ट्र की आत्मा है। हर नागरिक का यह दायित्व है कि वह संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करे। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कभी-कभी निहित स्वार्थों के चलते संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। ऐसे में हर जिम्मेदार नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह इन संस्थाओं की अखंडता और गरिमा को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
सामाजिक भाईचारा और आपसी सौहार्द की अनिवार्यता
भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने समाज में आपसी भाईचारे और सद्भाव को बनाए रखने को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्नताओं का देश है और यहां की असली ताकत हमारी ‘अनेकताओं में एकता’ की भावना है। जब समाज में भाईचारा मजबूत होता है, तभी देश बाहरी और आंतरिक चुनौतियों का मजबूती से सामना कर पाता है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे समाज को जाति, क्षेत्र या भाषा के आधार पर बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहें और हमेशा राष्ट्रीय एकता को सर्वोपरि रखें।

“देश के लिए मेरा भी योगदान”: नागरिक कर्तव्यों का बोध

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पूरा संबोधन नागरिक कर्तव्यों और राष्ट्र निर्माण की भावना के इर्द-गिर्द घूमता रहा। उन्होंने एक बेहद प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि राष्ट्र का विकास केवल सरकारों या योजनाओं से नहीं होता, बल्कि इसमें देश के 140 करोड़ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता होती है। “जब हर नागरिक कहेगा कि देश के लिए मेरा भी योगदान है, तब भारत की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता।” — मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी
इस कथन के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हर व्यक्ति को अपने छोटे-छोटे दैनिक कार्यों और दायित्वों को पूरी ईमानदारी से निभाना होगा। चाहे वह स्वच्छता बनाए रखना हो, कानून का पालन करना हो या समाज के कमजोर वर्ग की मदद करना हो, हर नागरिक का प्रयास मायने रखता है।
राष्ट्र निर्माण में शोध और वैचारिक संस्थानों की भूमिका
पंचनद शोध संस्थान के मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री ने वैचारिक और अकादमिक संस्थानों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज को सही दिशा दिखाने, इतिहास के सही तथ्यों को सामने लाने और युवाओं में राष्ट्रवाद की अलख जगाने में अहम भूमिका निभाते हैं। अंत में, उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे हरियाणा और देश को प्रगति के पथ पर और आगे ले जाने के लिए सामूहिक संकल्प लें।
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