
Haryana News: हरियाणा प्रदेश के युवाओं के कौशल को निखारने और उन्हें भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के मुताबिक पूरी तरह तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) की एक उच्चस्तरीय बैठक में हरियाणा में पहली बार शुरू की जा रही महत्वाकांक्षी ‘पीएम-सेतु’ (PM-SETU – अपग्रेडेड ITI के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन) योजना के सुचारू क्रियान्वयन और इसके लिए आवश्यक बजट प्रावधानों को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है।
इस योजना का मुख्य और दूरदर्शी उद्देश्य सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के नए और बेहतर अवसर सृजित करना है। इसके साथ ही, युवाओं को आज के आधुनिक उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुकूल ढालते हुए उन्हें बेहद आकर्षक वेतन पैकेज दिलाना इस योजना की मुख्य प्राथमिकता है। राज्य सरकार का मानना है कि कौशल प्रशिक्षण को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
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कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर प्रोजेक्ट को मिली ₹320.44 करोड़ की मंजूरी

कमेटी की इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल नीतिगत फैसलों पर ही मुहर नहीं लगी, बल्कि धरातल पर बदलाव लाने के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान भी किए गए। इसी कड़ी में बैठक के दौरान लगभग ₹320.44 करोड़ की भारी-भरकम लागत वाले महत्वाकांक्षी कुरुक्षेत्र ITI क्लस्टर प्रोजेक्ट को भी प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई।

इस क्लस्टर प्रोजेक्ट के तहत कुरुक्षेत्र स्थित आईटीआई को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, लेटेस्ट मशीनों, डिजिटल लैब्स और आधुनिक तकनीकी उपकरणों से लैस किया जाएगा। यहाँ युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे न केवल हरियाणा बल्कि देश-विदेश की बड़ी औद्योगिक कंपनियों में उच्च पदों और बेहतर वेतन पर आसानी से सेवा दे सकें। सरकार की यह पहल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के स्तर को एक नए शिखर पर ले जाने का काम करेगी।
औद्योगिक मांग और कौशल विकास का बेहतरीन तालमेल

आज के दौर में उद्योगों और तकनीकी संस्थानों के बीच की दूरी को पाटना सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। पारंपरिक शिक्षण प्रणालियों से हटकर ‘पीएम-सेतु योजना’ इस बात पर विशेष जोर देती है कि युवाओं को वही सिखाया जाए जिसकी आज की इंडस्ट्री में वास्तविक मांग है। इस योजना के तहत ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को विभिन्न औद्योगिक घरानों के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे ऑन-जॉब ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के अवसर स्वतः पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार का यह कदम राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस योजना के धरातल पर उतरने से न केवल तकनीकी शिक्षा का कायाकल्प होगा, बल्कि हरियाणा के हुनरमंद युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
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