UP News: नदी कटान रोकने के साथ किसानों की आय बढ़ाएगी बांस की खेती, 200 किसानों को किया गया चिह्नित

जौनपुर  बंजर और अनुपयोगी भूमि को आय का जरिया बनाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की जा रही है। इसके तहत नदी किनारे कटान रोकने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बांस की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। जिले के सात ब्लॉकों के किसानों ने इस पहल में रुचि दिखाई है। योजना के तहत किसानों को बांस उपलब्ध कराने के साथ खेती के लिए आवश्यक सहयोग भी दिया जाएगा, ताकि अनुपयोगी पड़ी जमीन का सदुपयोग हो सके और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आए। खुटहन ब्लॉक के पिलकिछा, उदपुर दीपी, डीहिया व शेखपुर सुतौली गांव के

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Published On :

अक्टूबर 24, 2026

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जौनपुर
 बंजर और अनुपयोगी भूमि को आय का जरिया बनाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की जा रही है। इसके तहत नदी किनारे कटान रोकने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बांस की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

जिले के सात ब्लॉकों के किसानों ने इस पहल में रुचि दिखाई है। योजना के तहत किसानों को बांस उपलब्ध कराने के साथ खेती के लिए आवश्यक सहयोग भी दिया जाएगा, ताकि अनुपयोगी पड़ी जमीन का सदुपयोग हो सके और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आए।

खुटहन ब्लॉक के पिलकिछा, उदपुर दीपी, डीहिया व शेखपुर सुतौली गांव के करीब 200 किसानों को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा सुजानगंज, बदलापुर, महराजगंज, सिकरारा, डोभी और मुफ्तीगंज ब्लॉक को भी योजना में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में बांस की खेती को प्रोत्साहित कर किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी है।

बांस की खेती से न केवल किसानों की बंजर भूमि उपयोगी बन सकेगी, बल्कि नदी किनारे मिट्टी के कटान को रोकने में भी मदद मिल सकती है। इससे उन किसानों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनकी जमीन लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी है या नदी किनारे होने के कारण कटान की समस्या बनी रहती है।

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योजना के तहत किसानों को बांस की उपलब्धता वीबी-जी रामजी के माध्यम से कराई जाएगी। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी जोड़ा जाएगा। इससे किसानों को संगठित कर योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पहल का उद्देश्य खेती के नए विकल्प उपलब्ध कराना, ग्रामीण क्षेत्रों में आय के अवसर बढ़ाना और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

    यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसका डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इससे एफपीओ को भी जोड़ा जाएगा।- नंदलाल, उपायुक्त श्रम रोजगार।