Europe Violence: यूरोप में क्यों भड़की हिंसा? लूटपाट से आगजनी तक, कई गिरफ्तारियां

फ्रांस, इटली, अल्बानिया और स्पेन समेत कई यूरोपीय देशों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस से झड़पें हुईं। बढ़ती हिंसा और आगजनी के बीच अधिकारियों को हालात नियंत्रित करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

Europe Violence

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अक्टूबर 25, 2026

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Europe Violence: यूरोप महाद्वीप इस समय विरोध प्रदर्शनों, हिंसा और व्यापक जनाक्रोश की एक अभूतपूर्व लहर से जूझ रहा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस से लेकर अल्बानिया की राजधानी तिराना, इटली के रोम, स्पेन के मैड्रिड और पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन तक सड़कें आंदोलनों का केंद्र बनी हुई हैं। यह आक्रोश बढ़ती जीवन यापन लागत (Cost of Living), आवास संकट (Housing Pressure), ईंधन की महंगाई और विभिन्न सरकारी नीतियों के खिलाफ खुलकर सामने आया है। कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें, आगजनी और व्यापक स्तर पर गिरफ्तारियां देखने को मिली हैं।

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फ्रांस: 4 लाख से अधिक लोग सड़कों पर, 1,000 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

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यूरोप में क्यों भड़की हिंसा?

फ्रांस में महंगाई और सरकारी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के अनुसार देश भर में हिंसा और पुलिस पर हमलों के आरोप में लगभग 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 24 अक्टूबर 2026 को देश भर में लगभग 4.10 लाख लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें अकेले पेरिस में 1.10 लाख लोग शामिल थे। वहीं, ट्रेड यूनियन CGT ने प्रदर्शनकारियों की संख्या पूरे फ्रांस में 8 लाख और पेरिस में 2.50 लाख होने का दावा किया है। प्रशासन का आरोप है कि उग्र अल्ट्रा-लेफ्ट गुटों ने पुलिस पर पटाखे और कई तरह की चीजें फेंककर जानबूझकर तनाव भड़काने की कोशिश की।

अल्बानिया: आंसू गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल, 300 से अधिक घायल

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यूरोप में क्यों भड़की हिंसा?

अल्बानिया की राजधानी तिराना में स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। अक्टूबर के महीने से ही सरकार-विरोधी प्रदर्शन हिंसक मोड़ ले चुके हैं। 24 अक्टूबर को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों पर हमला बोला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां (Rubber Bullets) चलाईं, जबकि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पटाखे और पत्थर बरसाए। इस हिंसक झड़प में अब तक 300 से अधिक प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं, जबकि दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया है।

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इटली, स्पेन और पुर्तगाल में भी गहराया असंतोष

इटली में बढ़ती आवास लागत और जीवन यापन के संकट को लेकर जनता का गुस्सा चरम पर है, प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार द्वारा कड़े सुरक्षा नियम लागू किए जाने और दर्जनों स्थानों पर तलाशी अभियानों के बावजूद हजारों लोग सड़कों पर उतरे। 8 अलग-अलग शहरों से 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 110 नाबालिगों सहित 371 लोगों को हिरासत में लिया गया। मैड्रिड और लिस्बन में भी मुख्य रूप से आवास संकट और बढ़ती महंगाई को लेकर लोग लगातार रैलियां निकाल रहे हैं।

यूरोप के प्रमुख देशों में भड़की यह असंतोष की आग यह दर्शाती है कि आर्थिक संकट और महंगाई किस प्रकार आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, जिससे नियंत्रण में लाना यूरोपीय सरकारों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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