
Haryana News: हरियाणा को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का सिरमौर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सिविल सचिवालय में ‘हरियाणा विजन-2047’ के अंतर्गत पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की अगले 5 वर्षों की कार्ययोजना की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के गौरवशाली इतिहास को सहेजने और उसे वैश्विक पटल पर एक नई पहचान देने के लिए कई अहम रणनीतिक फैसले लिए गए।
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ऐतिहासिक स्थलों का बनेगा नया कॉरिडोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों को पुनर्जीवित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा की माटी का इतिहास वीरता, त्याग और बलिदान से परिपूर्ण रहा है, और इस समृद्ध गाथा से आज की युवा पीढ़ी तथा देश-दुनिया के पर्यटकों को परिचित कराना सरकार की प्राथमिकता है।
इसे सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्यभर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को आपस में जोड़ते हुए एक नया और सुव्यवस्थित ‘ऐतिहासिक कॉरिडोर’ (Historical Corridor) बनाने के निर्देश दिए। इस कॉरिडोर के बन जाने से पर्यटकों के लिए विभिन्न ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों की यात्रा करना बेहद आसान हो जाएगा, जिससे वे हरियाणा के प्राचीन इतिहास को गहराई से समझ सकेंगे।

हरियाणा को पर्यटन हब (Tourism Hub) के रूप में विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राखीगढ़ी जैसी सिंधु घाटी सभ्यता के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण स्थलों से लेकर स्वतंत्रता सेनानियों और वीर योद्धाओं से जुड़ी भूमि तक, राज्य में देखने के लिए बहुत कुछ है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा को एक प्रमुख टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाए।
इसके तहत संग्रहालयों (Museums) के आधुनिकीकरण, पुरातात्विक स्थलों के सौंदर्यीकरण और वहां पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं जुटाने के कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी। डिजिटल तकनीक, ऑडियो-विजुअल गाइड और इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों के माध्यम से इतिहास को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक सैलानी आकर्षित हों।
विजन-2047 के तहत लंबी अवधि की कार्ययोजना
विकसित भारत और विकसित हरियाणा के संकल्प के तहत ‘हरियाणा विजन-2047’ पर काम चल रहा है। इसी कड़ी में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की अगले 5 वर्षों की कार्ययोजना का खाका तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों पर गर्व महसूस करें और राज्य का पर्यटन उद्योग आर्थिक विकास में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे।











