
Haryana News: हरियाणा में धान खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने सोनीपत जिले की प्रमुख अनाज मंडियों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गोहाना, खरखौदा, सोनीपत और गन्नौर की मंडियों में पहुंचकर जमीनी स्तर पर खरीद और उठान (लिफ्टिंग) व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।
Haryana Power Crisis: हरियाणा में बिजली हड़ताल से हाहाकार, कई शहरों में सड़क जाम
मंडियों का औचक निरीक्षण और अधिकारियों को निर्देश

निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंडियों में खरीद कार्य में जुटे अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं को अपनी फसल बेचने में किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े, यह प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है।
मंत्री ने मंडियों में खरीदी गई धान की फसल के जल्द से जल्द उठान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मंडियों में धान का अनावश्यक जमाव नहीं होना चाहिए, ताकि नई फसल लेकर आने वाले किसानों को पर्याप्त जगह मिल सके और वे आसानी से अपनी उपज बेच सकें। इसके अलावा, उन्होंने मंडियों में नमी (मॉइस्चर) मापक यंत्रों से धान की गुणवत्ता की भी जांच की।
पोर्टल पर अधिक उत्पादन और नमी को लेकर महत्वपूर्ण अपील

निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने किसानों की व्यावहारिक समस्याओं पर भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी किसान के खेत में वास्तविक फसल उत्पादन मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज मात्रा से अधिक है, तो उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे किसान संबंधित अनाज मंडी के मंडी सचिव से संपर्क कर सकते हैं, और जांच के बाद नियमानुसार उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।

मंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी धान की फसल को पूरी तरह सुखाकर और साफ करके ही मंडियों में लाएं। गीली फसल लाने से खरीद प्रक्रिया में बाधा आती है और किसानों को ही परेशानी उठानी पड़ती है। निर्धारित मानकों का पालन करने से उपज की बिक्री तुरंत हो जाती है।
पराली प्रबंधन पर जोर और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

धान खरीद के साथ-साथ कृषि मंत्री ने पराली प्रबंधन के मुद्दे पर भी किसानों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अन्नदाताओं से आग्रह किया कि वे फसल अवशेषों (पराली) को खेतों में आग लगाने के बजाय उन्हें मिट्टी में ही मिला दें। उन्होंने बताया कि पराली को खेत में दबाने से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता बढ़ती है और भूमि की गुणवत्ता में सुधार होता है, जो आने वाली फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है। यह कदम न केवल कृषि भूमि के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अहम योगदान है।
इस निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासन और विभिन्न मार्केट कमेटियों के चेयरमैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिन्हें कृषि मंत्री ने खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
Haryana News: अशफाक उल्ला खाँ का बलिदान हमेशा रहेगा अमर, CM नायब सैनी ने किया नमन











