Haryana News: मानसून की शुरुआत होते ही गुरुग्राम नगर निगम (MCG) और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) द्वारा जलभराव को रोकने के लिए किए गए तमाम पुख्ता दावों की हवा निकल गई है। पहली ही बारिश में न केवल पूरा शहर जलमग्न हो गया, बल्कि कई मुख्य स्थानों पर सड़कें धंस गईं और सीवर उफनने लगे। इस प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर आम जनता के साथ-साथ गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस को भुगतना पड़ रहा है। जहाँ दोनों नागरिक निकाय जमीनी स्तर पर विफल नजर आ रहे हैं, वहीं ट्रैफिक पुलिस के जवान देर रात तक घुटनों तक भरे पानी के बीच खड़े होकर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटे हैं।
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लापरवाही की खुली पोल
शहर के विकास और सीवर लाइन डालने के नाम पर नगर निगम और GMDA ने जगह-जगह गहरे गड्ढे तो खोद दिए, लेकिन बरसात का मौसम शुरू होने से पहले इन्हें ढंग से बंद नहीं किया गया। घटिया निर्माण सामग्री के कारण मानसून की पहली बारिश में ही सड़कें बह गईं।
झाड़सा रोड, कादीपुर रोड, सिविल लाइंस (डीसी रेजिडेंस के पास) और नरसिंहपुर में दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (NH-48) के पास सड़कें धंसने से कई गाड़ियाँ और भारी वाहन उनमें फंस गए। इसके चलते शहर में करीब 10 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। इस संकट की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस ने खुद मोर्चा संभाला और क्रेन की मदद से गड्ढों तथा जलभराव में बंद हुए वाहनों को खींचकर बाहर निकाला ताकि यातायात सुचारू हो सके।
फावड़ा और मलबा लेकर खुद गड्ढे भरते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी
नागरिक प्राधिकरणों के अधिकारियों की अनुपस्थिति के बीच गुरुग्राम की सड़कों पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला। जलभराव के कारण थमी वाहनों की रफ्तार को दोबारा गति देने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी खुद सड़कों के गड्ढे भरते और मलबे डालते नजर आए। इतना ही नहीं, सड़कों पर जमा पानी की त्वरित निकासी के लिए पुलिस के जवानों ने खुद आगे बढ़कर कूड़े-कचरे से चोक हो चुकीं नालियों और ड्रेनेज को साफ किया, ताकि राहगीरों को जाम से जल्द से जल्द निजात मिल सके।
इमरजेंसी बेड़े में शामिल की गईं अतिरिक्त क्रेन और हाइड्रा मशीनें
आगामी दिनों में मानसून की स्थिति से निपटने और आपातकालीन ट्रैफिक प्रबंधन के लिए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने अपनी ताकत बढ़ा दी है। फील्ड में 260 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ विशेष उपकरणों की व्यवस्था की गई है:
भारी मशीनरी: आपात स्थिति के लिए 5 क्रेन और 2 विशाल हाइड्रा मशीनें तैनात की गई हैं।
आपातकालीन वाहन: त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए 1 एम्बुलेंस बेड़े में जोड़ी गई है।
गश्ती दल: त्वरित निगरानी के लिए 17 मोटरसाइकिल राइडर और 6 चार पहिया पुलिस वाहनों को विशेष रूप से एक्टिव किया गया है।
यह पूरा दस्ता विशेष रूप से रात के समय और भारी बारिश के दौरान गुरुग्राम के सबसे व्यस्त और संवेदनशील चौराहों पर तैनात रहेगा ताकि किसी भी विकट स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके।
दोपहिया-तिपहिया वाहनों पर रोक
ट्रैफिक पुलिस ने साफ किया है कि दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (NH-48) के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जलभराव के दौरान हादसों को रोकने के लिए किसी भी एंट्री पॉइंट से दोपहिया (बाइक/स्कूटर) और तिपहिया (ऑटो) वाहनों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त चालान की कार्रवाई होगी। पुलिस बल का उपयोग आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन करने और दुर्घटनाग्रस्त या खराब वाहनों को हाईवे से तुरंत हटाने के लिए किया जाएगा, ताकि जनता को न्यूनतम असुविधा हो।
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