Haryana News: एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक तैयार, अंबाला में दिखेगी वीरों की गौरवगाथा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी में निर्माणाधीन “आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक” का अवलोकन किया।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 25, 2026

Haryana News: लगभग 22 एकड़ क्षेत्र में फैले इस विशाल स्मारक के निर्माण पर करीब 700 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि 1857 की क्रांति के उन गुमनाम नायकों और उनके बलिदान को जीवंत रखने वाला एक आधुनिक केंद्र है, जिन्होंने भारत की आजादी की नींव रखी थी।

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अनिल विज का तीन दशक पुराना संकल्प

यह शहीद स्मारक ऊर्जा मंत्री अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से विज इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत थे। उनके अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज अंबाला में यह भव्य ढांचा खड़ा है। अवलोकन के दौरान मंत्री विज ने मुख्यमंत्री को बताया कि 10 मई 1857 को अंबाला छावनी से ही आजादी की चिंगारी भड़की थी। स्मारक में रखे गए दुर्लभ दस्तावेज और अंग्रेजी हुकूमत के टेलीग्राम इस ऐतिहासिक सत्य को पुख्ता करते हैं।

आधुनिक तकनीक और ऐतिहासिक धरोहर का संगम

यह स्मारक इतिहास को किताबों तक सीमित न रखकर उसे जीवंत अनुभव में बदल देता है। 22 अत्याधुनिक गैलरियों वाले इस परिसर में डिजिटल और ऑडियो-विजुअल माध्यमों का बखूबी प्रयोग किया गया है।

अनोखा अनुभव: पूरे स्मारक को ढंग से देखने के लिए आगंतुकों को 6 से 8 घंटे का समय लग सकता है।

ऐतिहासिक प्रमाण: यहां कमल, रोटी और पेड़ों की छाल के जरिए गुप्त संदेश भेजने जैसी रोचक क्रातिकारी गतिविधियों का चित्रण किया गया है।

शहीदी वॉल: संग्रहालय में एक विशाल शहीदी वॉल बनाई गई है, जिस पर 700 से अधिक वीर शहीदों के नाम अंकित हैं।

भव्य संरचना और सुविधाएं

परिसर की सबसे बड़ी पहचान 150 फुट ऊंचा ‘मेमोरियल टॉवर’ है, जो अपनी भव्य रोशनी और हाई-स्पीड लिफ्ट के साथ आकर्षण का केंद्र होगा। इसके अलावा, परिसर में 2500 दर्शकों की क्षमता वाला ओपन-एयर थिएटर, एक आधुनिक ऑडिटोरियम, ई-लाइब्रेरी, शोध केंद्र और फूड कोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

यह स्मारक न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि शोधार्थियों और इतिहास के छात्रों के लिए भारत के स्वतंत्रता संग्राम को समझने का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस ऐतिहासिक धरोहर की सराहना करते हुए कहा कि यह स्मारक युवाओं में राष्ट्रप्रेम और त्याग की भावना को निरंतर प्रज्वलित रखेगा। अंबाला का यह शहीद स्मारक अब राष्ट्रीय गौरव का एक नया प्रतीक बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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