Haryana News: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर जबरदस्त सियासी भूचाल देखने को मिला। विपक्षी विधायकों के कड़े तेवरों, तीखी नारेबाजी और भारी हंगामे के चलते सदन का माहौल बेहद तल्ख हो गया। हालात को संभालते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सत्र के पहले ही दिन से जिस प्रकार का राजनीतिक टकराव सामने आया है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार भिड़ंत होने वाली है।
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काले कपड़ों में पहुंचे कांग्रेस विधायक और राष्ट्रगीत पर विवाद
सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष का आक्रामक और विद्रोही रुख साफ तौर पर दिखाई दे रहा था। सरकार की नीतियों और विभिन्न जनविरोधी मुद्दों के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए कांग्रेस विधायक सदन के भीतर काले कपड़े (काले कुर्ते और काली पट्टियां) पहनकर पहुंचे। जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सदन में दिवंगत नेताओं और बलिदानियों को याद करते हुए शोक प्रस्ताव पढ़ रहे थे, तब विपक्षी विधायक अपने आसनों पर काले कपड़ों में बैठे नजर आए।
इसके अलावा, सत्र की शुरुआत में राष्ट्रगीत के दौरान कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी और विधायक कुलदीप वत्स के साथ हुई कथित अभद्रता के मुद्दों ने आग में घी का काम किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
दोपहर 12:30 बजे के बाद पेश होंगे 4 नए विधेयक
दोपहर 12:30 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी, तो सरकार का मुख्य फोकस विधायी कामकाज पर रहेगा। राज्य सरकार की ओर से सदन के पटल पर 4 महत्वपूर्ण और नए विधेयक पेश किए जाने की पूरी संभावना है:
हरियाणा न्यायालय संशोधन विधेयक 2026
हरियाणा नगरपालिका संशोधन विधेयक 2026
हरियाणा नगर निगम संशोधन विधेयक 2026
हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल विधेयक 2026
इन विधेयकों के आने से सदन की गर्माहट और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर विशेषाधिकार हनन रिपोर्ट और अन्य मुद्दे
आज के सत्र की सबसे बड़ी राजनीतिक हलचल ‘विशेश्वर अधिकार हनन रिपोर्ट’ को लेकर रहने वाली है। नेवा (NeVA) पोर्टल के माध्यम से सदन में विशेषाधिकार हनन कमेटी की रिपोर्ट पेश की जाएगी। इस रिपोर्ट के दायरे में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी विधायक हैं। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के पेश होते ही विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए सदन में हंगामा खड़ा कर सकता है।
प्रश्नोत्तर काल और कार्य सलाहकार समिति (BAC) की रिपोर्ट के बाद, इनेलो विधायकों (आदित्य और अर्जुन चौटाला) की तरफ से राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
तीन दिन के इस छोटे लेकिन बेहद अहम मानसून सत्र के पहले ही घंटे में जिस तरह का भारी हंगामा देखने को मिला है, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक तापमान काफी ऊंचा रहने वाला है। एक तरफ सरकार अपने विधायी एजेंडे को पूरा करने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष हर मोर्चे पर सरकार को घेरने की कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
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