Haryana News: मानसून से पहले अलर्ट मोड में विधायक पूजा, नदियों-नालों की सफाई की उठाई मांग

मानसून से पहले हरियाणा में बाढ़ और जलभराव को लेकर चिंता बढ़ गई है। विधायक पूजा ने सरकार से नदियों की खुदाई और नालों की सफाई तुरंत शुरू करने की मांग की है। आखिर क्यों बढ़ा खतरा, क्या पिछली लापरवाही फिर मुश्किल बढ़ाएगी और प्रशासन कितना तैयार है, जानिए पूरी रिपोर्ट।

मानसून से पहले अलर्ट मोड में विधायक पूजा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 11, 2026

Haryana News: मानसून सीजन नजदीक आते ही बाढ़ और जलभराव की आशंकाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में चिंता बढ़ने लगी है। मुलाना से विधायक पूजा ने प्रदेश सरकार से अपील की है कि बारिश शुरू होने से पहले नदियों की सफाई, गाद निकासी और नालों की मरम्मत का काम तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो कई क्षेत्रों में फिर से बाढ़ और जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

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बाढ़ से हर साल बढ़ती हैं परेशानियां

विधायक पूजा ने कहा कि पिछले कई वर्षों में मानसून के दौरान प्रदेश के अनेक हिस्सों में बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। कई गांवों और शहरी इलाकों में पानी भरने से लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हुई, जबकि किसानों की फसलें भी बर्बाद हुईं। उन्होंने बताया कि बरसात के समय नदियों में जमा गाद और बंद पड़े नालों के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसका सीधा असर आम लोगों, व्यापारियों और किसानों पर पड़ता है। जलभराव के कारण लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जताई चिंता

मुलाना क्षेत्र की स्थिति का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में हर मानसून के दौरान हालात गंभीर हो जाते हैं। कई गांवों में पानी जमा हो जाता है, जिससे सड़कें टूट जाती हैं और लोगों का आवागमन प्रभावित होता है।

उन्होंने कहा कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने और नदियों में गाद बढ़ने के कारण पानी का बहाव रुक जाता है। ऐसे में बारिश का पानी गांवों और खेतों में फैल जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

“कागजों में नहीं, जमीन पर दिखे काम”

विधायक पूजा ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अक्सर सफाई और मरम्मत के दावे केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित रह जाते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस बार सभी विभाग वास्तविक रूप से मैदान में उतरकर काम करें।

उन्होंने कहा कि केवल रिपोर्ट तैयार करने या बैठकों में योजनाएं बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरी है कि अधिकारी खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की जांच करें।

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युद्धस्तर पर शुरू हो सफाई अभियान

विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि नदियों की खुदाई और नालों की सफाई का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जल निकासी मार्गों को दुरुस्त करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से पहले तैयारी पूरी हो सके।

किसानों और व्यापारियों पर पड़ता है असर

उन्होंने कहा कि जलभराव का सबसे ज्यादा असर किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ता है। खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो जाती हैं, जबकि बाजारों और दुकानों में पानी घुसने से व्यापार प्रभावित होता है। विधायक का कहना है कि यदि सरकार पहले से तैयारी कर ले, तो लाखों लोगों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।