Noida News: ई-बसों ने पकड़ी रफ्तार, नोएडा में 13 दिन में 1.99 लाख यात्रियों ने किया सफर

नोएडा में इलेक्ट्रिक बस सेवा लगातार रफ्तार पकड़ रही है। सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में 100 ई-बसों ने 2.96 लाख किलोमीटर का परिचालन कर 1.99 लाख से ज्यादा यात्रियों को सेवा दी और 61.75 लाख रुपये से अधिक राजस्व कमाया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में ई-बसों के बढ़ते उपयोग से ग्रीन मोबिलिटी को मजबूती मिली है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 15, 2026

Noida News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ग्रीन मोबिलिटी और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के विजन का असर नोएडा इलेक्ट्रिक बस सेवा में लगातार देखने को मिल रहा है। सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो की 100 ई-बसों ने करीब 2.96 लाख किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान 1.99 लाख से अधिक यात्रियों ने ई-बसों से यात्रा की और डिपो को 61.75 लाख रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ।

सितंबर में ई-बसों का दैनिक प्रदर्शन बेहतर

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ई-बसों ने पकड़ी रफ्तार

बताते चले कि, सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में ई-बसों के संचालन, यात्रियों की संख्या और कमाई के औसत में अगस्त की तुलना में सुधार दर्ज किया गया है। अगस्त में प्रति बस प्रतिदिन औसतन 190.21 किलोमीटर परिचालन हुआ था, जो सितंबर में बढ़कर 227.78 किलोमीटर हो गया। इसी तरह प्रति बस प्रतिदिन यात्रियों की संख्या 109.79 से बढ़कर 153.68 और दैनिक आय 3,414.86 रुपये से बढ़कर 4,750.20 रुपये पहुंच गई।

ई-बसों की आय प्रति किलोमीटर भी बढ़ी

नोएडा इलेक्ट्रिक बस सेवा के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में आय प्रति किलोमीटर 17.95 रुपये थी, जो सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में बढ़कर 20.85 रुपये हो गई। नियमित संचालन शुरू होने के बाद 20 जून से 13 सितंबर 2026 तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की ई-बसों ने कुल 15.12 लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय की। इस दौरान 7.18 लाख से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया और 2.24 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व अर्जित हुआ।

जून से सितंबर तक लगातार बढ़ा ई-बस कारोबार

अधिकारियों के अनुसार 20 से 30 जून के बीच 11 दिनों में 100 ई-बसों ने 1.47 लाख किलोमीटर का परिचालन किया और 28,053 यात्रियों को सेवा दी। इस अवधि में 9.07 लाख रुपये का राजस्व मिला। जुलाई में परिचालन बढ़कर 4.79 लाख किलोमीटर और यात्री संख्या 1.50 लाख पहुंच गई, जबकि राजस्व 47.93 लाख रुपये रहा। अगस्त में 5.89 लाख किलोमीटर परिचालन के साथ 3.40 लाख यात्रियों ने सफर किया और राजस्व 1.05 करोड़ रुपये से अधिक रहा।

नोएडा प्राधिकरण की ई-बसों ने भी बनाया रिकॉर्ड

नोएडा प्राधिकरण की 50 इलेक्ट्रिक बसों ने सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में 1.50 लाख किलोमीटर का परिचालन किया। इस दौरान 1.04 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की और 31.45 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 231.17 किलोमीटर, यात्री संख्या 160.14 और आय 4,839.17 रुपये रही। आय प्रति किलोमीटर 20.93 रुपये दर्ज की गई।

ग्रेटर नोएडा ई-बस सेवा प्रदर्शन में सबसे आगे

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 25 ई-बसों ने सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में 77,110 किलोमीटर की दूरी तय की और 53,194 यात्रियों को सेवा दी। इससे 16.17 लाख रुपये का राजस्व मिला। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 237.26 किलोमीटर और यात्री संख्या 163.67 रही। आय प्रति किलोमीटर 20.98 रुपये और प्रति बस प्रतिदिन आय 4,978.15 रुपये रही। इन आंकड़ों के आधार पर ग्रेटर नोएडा तीनों प्राधिकरणों में शीर्ष पर रहा।

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भी बढ़ा ई-बस उपयोग

यमुना प्राधिकरण की 25 इलेक्ट्रिक बसों ने सितंबर के पहले 13 दिनों में 68,749 किलोमीटर का परिचालन किया और 42,497 यात्रियों को सफर कराया। इस दौरान 14.11 लाख रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 211.54 किलोमीटर, यात्री संख्या 130.76 और आय 4,344.32 रुपये रही। आय प्रति किलोमीटर 20.54 रुपये दर्ज की गई, जो क्षेत्र में ई-बस सेवा के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाती है।

ग्रीन मोबिलिटी से जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी पर जोर

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ई-बसों ने पकड़ी रफ्तार, नोएडा में 13 दिन में 1.99 लाख यात्रियों ने किया सफर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2026 में नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन कर ई-बसों को हरी झंडी दिखाई थी। सरकार का लक्ष्य नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही ग्रीन मोबिलिटी के जरिए जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करने की योजना है।

नोएडा में बनेगा 24 घंटे संचालित ई-बस कमांड सेंटर

यूपीएसआरटीसी मुख्यालय लखनऊ के अनुसार नोएडा में तीनों प्राधिकरणों की इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के लिए कमांड सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। प्रस्तावित 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम से ई-बसों की लाइव निगरानी की जाएगी। इससे रूट, संचालन और बस सेवाओं पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और यात्रियों को अधिक व्यवस्थित एवं बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।