Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के लगभग 15 हजार क्लर्कों के हित में एक जरूरी निर्णय लिया है। वित्त विभाग की ओर से जारी नए स्पष्टीकरण आदेश के तहत क्लर्कों को मिलने वाली अतिरिक्त वेतन वृद्धि (Additional Increment) को अब उनके मूल वेतन (Basic Pay) का हिस्सा माना जाएगा। इस फैसले का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक सैलरी के साथ-साथ भविष्य में मिलने वाले अलग-अलग भत्तों और अन्य वित्तीय लाभों पर भी पड़ेगी।
सरकार के इस कदम को लंबे समय से चली आ रही मांगों की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। इससे हजारों कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत मिलने की उम्मीद है।
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8 फरवरी 2024 से लागू होगा नया नियम
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 8 फरवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएगी। इसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों पर यह आदेश लागू होगा, उन्हें संशोधित वेतन के साथ बकाया राशि (एरियर) का भी लाभ मिलेगा। विभागीय स्तर पर संबंधित कर्मचारियों के वेतन का पुनर्निर्धारण किया जाएगा और पात्र कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
अतिरिक्त इंक्रीमेंट अब बनेगा बेसिक पे का हिस्सा
नए आदेश के तहत क्लर्कों को मिलने वाला अतिरिक्त इंक्रीमेंट अब अलग से नहीं जोड़ा जाएगा, बल्कि उसे सीधे मूल वेतन में शामिल किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य वेतन आधारित सुविधाओं की गणना भी बढ़े हुए बेसिक पे के आधार पर होगी। इससे कर्मचारियों की कुल मासिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
भर्ती वर्ष के अनुसार मिलेगा लाभ
वित्त विभाग ने भर्ती वर्ष और सेवा स्थिति के आधार पर अतिरिक्त इंक्रीमेंट का लाभ निर्धारित किया है।
2020 से पहले नियुक्त वरिष्ठ क्लर्क
जो वरिष्ठ क्लर्क वर्ष 2020 से पहले नियुक्त हुए हैं, उन्हें पे-लेवल अथवा एसीपी (ACP) लेवल के अनुसार तीन अतिरिक्त इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाएगा। इससे उनके मूल वेतन में सीधी वृद्धि होगी और भविष्य की वेतन संबंधी गणनाओं में भी इसका सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।
वर्ष 2020 में भर्ती क्लर्क
साल 2020 में नियुक्त क्लर्कों के लिए भी सरकार ने राहत दी है। इन कर्मचारियों के बेसिक पे में दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट जोड़े जाएंगे। इससे उनकी मासिक सैलरी के साथ-साथ अन्य वित्तीय लाभों में भी वृद्धि होगी।
पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा फायदा
जो कर्मचारी पहले चपरासी (Peon) के पद पर कार्यरत थे और बाद में पदोन्नति के जरिए क्लर्क बने हैं, उन्हें भी इस निर्णय का लाभ मिलेगा। ऐसे कर्मचारियों को प्रिजंप्टिव पे (Presumptive Pay) के नियमों के तहत अतिरिक्त इंक्रीमेंट प्रदान किया जाएगा।
वार्षिक वेतन वृद्धि पर नहीं पड़ेगा असर
वित्त विभाग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त इंक्रीमेंट को बेसिक पे में शामिल किए जाने के बावजूद कर्मचारियों की नियमित वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) की तिथि में किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा। कर्मचारियों को उनका अगला वार्षिक इंक्रीमेंट पहले से तय समय पर ही मिलेगा।
कर्मचारियों को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि बेसिक पे में बढ़ोतरी होने से कर्मचारियों को केवल वर्तमान वेतन में ही नहीं, बल्कि भविष्य में मिलने वाले भत्तों, पदोन्नति से जुड़े वित्तीय लाभों और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इसके साथ ही एरियर मिलने से कर्मचारियों को एकमुश्त आर्थिक राहत भी प्राप्त होगी। सरकार के इस फैसले को राज्य के क्लर्कों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय उपलब्धि माना जा रहा है।










