Haridwar: पवित्र सावन महीने में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में एक बड़ा और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे चंडीगढ़ के चार नाबालिग कांवड़िया दोस्त ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में नहाते समय गहरे पानी में डूब गए। जल पुलिस और गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद चारों को नहर से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस अचानक हुई दुर्घटना से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
NEET Paper Leak: CBI ने बताया पूरा खेल, टीचर्स की ढिलाई और कोचिंग कनेक्शन से खुली पोल
हादसे का शिकार हुए सभी किशोर चंडीगढ़ के निवासी
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले चारों नाबालिग दोस्त चंडीगढ़ के विभिन्न इलाकों के रहने वाले थे। इनकी पहचान शिवांशु (16 वर्ष) और नितीश (16 वर्ष) दोनों निवासी सेक्टर-30 बी, रोहित (17 वर्ष) निवासी सेक्टर-26, बाबूधाम कॉलोनी, तथा भरत (16 वर्ष) निवासी सेक्टर-30 बी, चंडीगढ़ के रूप में हुई है।
ये सभी युवक बीती 30 जुलाई की रात को कांवड़ लेने के लिए विशेष रूप से हरिद्वार पहुंचे थे। हरिद्वार पहुंचकर उन्होंने पूरी आस्था के साथ अपनी कांवड़ उठाई और शुक्रवार तड़के ही चंडीगढ़ की तरफ वापसी के लिए पैदल ही रवाना हो गए थे।
गर्मी से राहत पाने के लिए गंगनहर में उतरे थे सभी दोस्त
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि जब ये चारों कांवड़िया जटवाड़ा पुल के पास पहुंचे, तो वे अपने अन्य साथियों के वहां तक पहुंचने का इंतजार करने लगे। इस दौरान भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए तड़के करीब चार बजे चारों दोस्त नहाने के उद्देश्य से गंगनहर में उतर गए।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गंगनहर में सिल्ट (गाद) आने की वजह से पानी का सामान्य प्रवाह रुका हुआ था। नहर में अधिकांश स्थानों पर पानी सूखा हुआ था, लेकिन बीच-बीच में कुछ जगहों पर गहरा पानी जमा था। चारों दोस्त इसी जमा पानी में स्नान करने के लिए सुरक्षा रेलिंग को पार करके अंदर चले गए। इसी दौरान वे अचानक पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए और एक के बाद एक गहरे पानी की चपेट में आकर डूबते चले गए।
जल पुलिस का रेस्क्यू और एसडीआरएफ की सतर्कता
आसपास मौजूद लोगों ने जब इन किशोरों को डूबते हुए देखा, तो तुरंत शोर मचाया और पुलिस को इस अनहोनी की सूचना दी। खबर मिलते ही जल पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंच गया और गंगनहर में युद्धस्तर पर तलाश अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद चारों को पानी से बाहर निकाला गया और तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी गई है और पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
वहीं दूसरी ओर, इसी यात्रा के दौरान एक अन्य घटना में गंगा के तेज बहाव में बह रहे दो अन्य युवकों को एसडीआरएफ (SDRF) के जवानों ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से सुरक्षित बचा लिया, जिससे एक और बड़ा हादसा टल गया।
आईडीएफसी बैंक घोटाले में पंकज अग्रवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं










