Hardoi Fly Menace : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की संडीला तहसील और भरावन ब्लॉक के कई गांवों में अंडा फैक्ट्री से कथित रूप से फैल रहे प्रदूषण और मक्खियों के बढ़ते प्रकोप को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश सरकार के सामने ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने प्रदेश के पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना से मुलाकात कर प्रभावित गांवों की स्थिति से अवगत कराया और जल्द प्रभावी कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
हयातगंज और पिपरी नारायणपुर के ग्रामीणों ने जताई चिंता
संडीला क्षेत्र के हयातगंज और पिपरी नारायणपुर सहित आसपास के कई गांवों के लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित अंडा फैक्ट्री से निकलने वाले कचरे के कारण मक्खियों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मक्खियों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि सामान्य जीवन प्रभावित होने लगा है। घरों में भोजन बनाना और रखना मुश्किल हो गया है, वहीं बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो संक्रमण और बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है।
पर्यावरण मंत्री से मुलाकात कर उठाई कार्रवाई की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संडीला और भरावन क्षेत्र के नागरिक लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासन से कई बार शिकायत करने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। अंशू अवस्थी के अनुसार, मंत्री ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस मामले में प्रभावी कदम उठाएगी ताकि प्रभावित ग्रामीणों को राहत मिल सके।
आराधना मिश्रा मोना ने भी सरकार को लिखा पत्र
कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखकर संडीला क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण और मक्खियों की समस्या पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस विषय को विधानसभा में भी उठाया जाएगा ताकि प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
15 से अधिक गांवों पर पड़ रहा है असर
ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं के अनुसार, अंडा फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट के कारण लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में मक्खियों का प्रकोप फैल चुका है। इसका असर 15 से अधिक गांवों के लोगों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मक्खियों के कारण घरों, दुकानों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना कठिन हो गया है। इसके अलावा पशुपालन और कृषि गतिविधियों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। लोगों को डर है कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
लंबे समय से जारी है ग्रामीणों का धरना
प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण पिछले करीब एक महीने से किसान संगठनों और ग्रामीणों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय लागू करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस ने आंदोलन को दिया समर्थन
कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने ग्रामीणों और किसान यूनियन के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की समस्या केवल उनका व्यक्तिगत मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा विषय है। अंशू अवस्थी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सरकार तक ग्रामीणों की आवाज उठाती रहेगी। उनके अनुसार, जब तक प्रभावित लोगों को राहत नहीं मिलती, तब तक पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
‘हर नागरिक की समस्या मेरी जिम्मेदारी’ : अंशू अवस्थी
अंशू अवस्थी ने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की समस्या उनकी अपनी समस्या है। उन्होंने कहा, “हमारे क्षेत्र में किसी भी नागरिक की परेशानी मेरी परेशानी है और हर परिवार का दर्द मेरा दर्द है।” उन्होंने दावा किया कि मक्खियों का बढ़ता प्रकोप बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इसके कारण लोगों के दैनिक जीवन के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
स्थायी समाधान की मांग तेज
कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि फैक्ट्री से पर्यावरण संबंधी नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय लागू कर प्रभावित गांवों को राहत दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी उद्योग का विरोध करना नहीं, बल्कि अपने परिवारों के स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण की रक्षा करना है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं और प्रभावित लोगों को कब तक राहत मिलती है।
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