Hajj 2026: मक्का में जुटे 15 लाख से ज्यादा हाजी; AI सुरक्षा से लेकर टेंट सिटी तक, सऊदी सरकार के अभूतपूर्व इंतजाम

सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में 'हज यात्रा 2026' का शानदार आगाज हो चुका है, जहां दुनिया भर से 15 लाख से अधिक अकीदतमंद (हाजी) मीना के विशाल तंबू शहर पहुंच रहे हैं।

Hajj 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 25, 2026

Hajj 2026: इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में से एक और दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल ‘हज यात्रा 2026’ का आधिकारिक आगाज मंगलवार (26 मई, 2026) से होने जा रहा है। इस पाक सफर के लिए सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में दुनिया भर से 15 लाख से अधिक अकीदतमंद (हाजी) पहुंच चुके हैं। आज रात से ही लगभग 24 हजार अत्याधुनिक बसों के जरिए हाजियों को मक्का के होटलों से ‘मीना’ (तंबुओं के शहर) पहुंचाने का विशाल अभियान शुरू कर दिया जाएगा।

इस साल भारत से भी रिकॉर्ड 1,75,025 हज यात्री सऊदी अरब पहुंचे हैं। अगले पांच दिनों तक सभी अकीदतमंद मीना के विशाल तंबू शहर में रहकर हज के मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करेंगे। मीना में बना दुनिया का सबसे बड़ा वातानुकूलित ‘टेंट सिटी’, सोफा-कम-बेड की सुविधा
हाजियों को भीषण गर्मी से बचाने और आरामदायक प्रवास देने के लिए सऊदी सरकार ने मीना में अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।

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अत्याधुनिक टेंट सिटी

मीना में 45 हजार से अधिक आधुनिक और पूरी तरह वातानुकूलित (AC) टेंट लगाए गए हैं। इन तंबुओं में करीब 24 लाख से 30 लाख लोगों के ठहरने की विशाल क्षमता है। इसके अलावा कई बहुमंजिला इमारतों को भी रिजर्व किया गया है। इस बार हज को और सुगम बनाने के लिए कई तंबुओं में सोफा-कम-बेड जैसे आरामदायक बिस्तर और आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।

हीट वेव से बचाव: मक्का और मीना के रास्तों पर लगातार पानी की बौछार करने वाले फव्वारे, कूलिंग सिस्टम और एयरकंडिशंड शेल्टर बनाए गए हैं। हाजियों को ओआरएस (ORS) के पैकेट और ठंडे पानी की बोतलें मुफ्त बांटी जा रही हैं।

AI कैमरों से लेकर ड्रोन तक

सऊदी अरब सरकार ने वर्ष 2026 की हज यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सुरक्षा का एक अभेद्य किला तैयार किया है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

हाई-टेक सुरक्षा चक्र: जमीन पर 1 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों और पैरामिलिट्री जवानों को मुस्तैद किया गया है। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, थर्मल इमेजिंग, फेस रिकग्निशन तकनीक और हजारों सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है। आसमान से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए फिक्स्ड-विंग विमान तैनात हैं।

सऊदी रक्षा मंत्रालय की ‘यूनिफाइड सेफ्टी सिस्टम’ के तहत सऊदी एयरफोर्स को पवित्र स्थलों के हवाई क्षेत्र (Airspace) की 24 घंटे निगरानी की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही बिना वैध परमिट या वीजा के अवैध रूप से हज करने वालों पर 20 हजार रियाल (करीब 5 लाख रुपये) का भारी जुर्माना, देश से निर्वासन और 10 साल के प्रतिबंध का सख्त नियम लागू किया गया है।

भारतीय हाजियों को मिली ‘हज सुविधा स्मार्टवॉच’, जानिए पूरा शेड्यूल

इस वर्ष हज यात्रा का मुख्य आयोजन 25 मई से 29 मई 2026 तक चलेगा। शेड्यूल के मुताबिक, 26 मई को ‘अराफात का दिन’ (Arafat Day) होगा, जहां सभी हाजी अराफात के मैदान में जुटकर मुख्य दुआ मांगेंगे। इसके अगले दिन 27 मई को सऊदी अरब में ईद-अल-अधा (बकरीद) मनाई जाएगी, जबकि भारत में यह त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा।

भारतीय हज समिति ने इस बार अपने हाजियों के लिए एक विशेष ‘हज सुविधा स्मार्टवॉच’ जारी की है। सिम कार्ड और जीपीएस (GPS) से लैस यह घड़ी भीड़ में खोए यात्रियों की लोकेशन ट्रेस करने, उनकी हृदय गति (Heart Rate) की निगरानी करने और आपात स्थिति में तुरंत मेडिकल अलर्ट भेजने में सक्षम है। यातायात को आसान बनाने के लिए ‘अल मशाएर अल मुगद्दासा मेट्रो ट्रेन’ में भी लाखों सीटें रिजर्व की गई हैं।

सच्चे मन और आर्थिक रूप से सक्षम हर मुसलमान के लिए जीवन में एक बार हज करना अनिवार्य है। यह पवित्र यात्रा पैगंबर इब्राहिम और पैगंबर मुहम्मद की शिक्षाओं का अनुसरण करने और वैश्विक भाईचारे, समानता व मानवता का संदेश देने का सबसे बड़ा प्रतीक है।

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