Haiti Political Crisis: हैती की ट्रांजिशनल काउंसिल को अमेरिका की सीधी चेतावनी, ट्रंप सरकार उठाएगी सख्त कदम

हैती में जारी गृहयुद्ध जैसे हालात के बीच ट्रंप प्रशासन ने वहां की ट्रांजिशनल काउंसिल को 'अंतिम चेतावनी' जारी की है। कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले सत्ता हथियाने की कोशिशों को अमेरिका ने 'अमान्य' करार दिया है। क्या ट्रंप सरकार हैती के भ्रष्ट नेताओं और गैंग्स के खिलाफ सैन्य कदम उठाएगी?

Haiti Political Crisis

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 23, 2026

Haiti Political Crisis:  अमेरिका ने हैती की ट्रांजिशनल प्रेसिडेंशियल काउंसिल (TPC) को एक असाधारण और सख्त चेतावनी जारी की है। हैती में अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान सरकार की संरचना में किसी भी प्रकार का बदलाव करने की कोशिश “अमान्य” मानी जाएगी। अमेरिका का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हैती में एक दशक बाद पहली बार चुनाव कराने का अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि कार्यकाल के अंतिम चरण में शासन के ढांचे को बदलना देश की सुरक्षा और स्थिरता के उद्देश्यों को गंभीर रूप से कमजोर करेगा।

गिरोहों से मिलीभगत का आरोप: अस्थिरता पैदा करने वालों पर होगी कार्रवाई

अमेरिकी विदेश विभाग ने हैती के कुछ राजनेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में व्याप्त पुरानी अस्थिरता दरअसल उन भ्रष्ट नेताओं का परिणाम है जो सत्ता हथियाने के लिए सड़कों पर गिरोहों (gangs) का इस्तेमाल करते हैं। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति ऐसी गतिविधियों का समर्थन करेगा जो आपराधिक गिरोहों के हित में हों, वह न केवल हैती के लोगों के खिलाफ बल्कि क्षेत्र की शांति के खिलाफ भी काम कर रहा होगा। ऐसे तत्वों के विरुद्ध अमेरिका “उचित कदम” उठाने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री बनाम काउंसिल: आंतरिक मतभेदों से बढ़ता तनाव

हैती की राजनीति में वर्तमान तनाव का एक मुख्य केंद्र प्रधानमंत्री एलिक्स डिडियर फिल्स-एमी और काउंसिल के कुछ सदस्यों के बीच बढ़ता मतभेद है। हालांकि इस विवाद के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह निर्वाचित संस्था के बिना किसी भी सत्ता परिवर्तन के पक्ष में नहीं है। काउंसिल के नेता लॉरेंट सेंट-सिर ने भी बयान जारी कर सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों का विरोध किया है। उन्होंने जोर दिया कि 7 फरवरी की समयसीमा नजदीक आने के साथ कोई भी गलत कदम देश के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

जोवेनेल मोइसे की हत्या से अब तक: एक टूटा हुआ राजनीतिक ढांचा

हैती में अस्थिरता का यह काला अध्याय जुलाई 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति जोवेनेल मोइसे की हत्या के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद अप्रैल 2024 में कैरिबियन नेताओं की मध्यस्थता से इस ट्रांजिशनल काउंसिल का गठन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य एक प्रधानमंत्री चुनना और देश को चुनावों की ओर ले जाना था। फिल्स-एमी नवंबर 2025 में नियुक्त तीसरे प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले गिरोहों की हिंसा के कारण पूर्व प्रधानमंत्री एरियल हेनरी को इस्तीफा देना पड़ा था और हवाई अड्डों सहित मुख्य बुनियादी ढांचे पर अपराधियों का कब्जा हो गया था।

चुनाव में देरी और बढ़ती हिंसा: अंधी सुरंग में फंसा हैती का भविष्य

मूल योजना के अनुसार काउंसिल को 7 फरवरी 2026 तक पद छोड़ना था, लेकिन गिरोहों की हिंसा के कारण चुनाव कार्यक्रम पीछे खिसक गया है। अब पहले दौर का चुनाव अगस्त 2026 और दूसरा दौर दिसंबर 2026 के लिए निर्धारित है। आलोचकों का मानना है कि काउंसिल के कुछ सदस्य चुनाव कराने के बजाय सत्ता में बने रहने का बहाना ढूंढ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट डराने वाली है; पिछले साल केवल 11 महीनों में 8,100 से अधिक हत्याएं दर्ज की गई हैं। अमेरिका ने हैती के नेताओं से अपील की है कि वे व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर संस्थागत निरंतरता बनाए रखें ताकि जनता को इस भयावह हिंसा से निजात मिल सके।

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