GST Collection August 2026 : GST कलेक्शन में जबरदस्त उछाल, ₹1.99 लाख करोड़ के आंकड़े ने बढ़ाई उम्मीदें

अगस्त के GST आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था को लेकर नई उम्मीद जगाई है। कुल कलेक्शन ₹1,99,853 करोड़ पहुंचा, जो पिछले साल से 14.8% अधिक है। लेकिन कहानी सिर्फ इस उछाल की नहीं है—रिफंड में 67.9% की तेजी और जुलाई के मुकाबले कम कलेक्शन भी तस्वीर का दूसरा पहलू सामने रखते हैं।

GST Collection August 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 1, 2026

GST Collection August 2026 : भारत के सरकारी खजाने को अगस्त महीने में जीएसटी के मोर्चे पर बड़ी मजबूती मिली है। सरकार की ओर से 1 सितंबर को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में देश का ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़कर करीब 1.998 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। अगस्त 2025 में यह आंकड़ा 1.74 लाख करोड़ रुपये था। खास बात यह है कि लगातार तीसरे महीने जीएसटी कलेक्शन में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई है।

लगातार तीसरे महीने डबल डिजिट ग्रोथ

जीएसटी राजस्व में मजबूत वृद्धि का सिलसिला पिछले कुछ महीनों से जारी है। जून 2026 में जीएसटी कलेक्शन में सालाना आधार पर 13.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि जुलाई में यह वृद्धि 15.4 फीसदी रही। अगस्त में भी 15 फीसदी की ग्रोथ दर्ज होने से सरकार के राजस्व संग्रह की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। लगातार तीन महीनों तक दोहरे अंक की वृद्धि अर्थव्यवस्था में टैक्स गतिविधियों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

आयात से मिलने वाले जीएसटी में 29 फीसदी उछाल

अगस्त में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन बढ़ने के पीछे आयात से मिलने वाले टैक्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आंकड़ों के मुताबिक, आयात से प्राप्त ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 29 फीसदी की जोरदार वृद्धि हुई। यह पिछले साल अगस्त के 48,546 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 62,604 करोड़ रुपये हो गया। इससे साफ है कि विदेशी वस्तुओं के आयात से मिलने वाले टैक्स ने कुल जीएसटी कलेक्शन को ऊपर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाई।

घरेलू जीएसटी रेवेन्यू में भी हुई बढ़ोतरी

देश के घरेलू बाजार से मिलने वाले जीएसटी राजस्व में भी वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त में घरेलू रेवेन्यू 9.3 फीसदी बढ़कर करीब 1.37 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह लगभग 1.26 लाख करोड़ रुपये था। हालांकि घरेलू टैक्स कलेक्शन की वृद्धि आयात से मिलने वाले जीएसटी की तुलना में कम रही। इस वजह से अगस्त के कुल ग्रॉस कलेक्शन में आयात आधारित राजस्व का योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा।

रिफंड बढ़ने से नेट जीएसटी कलेक्शन की रफ्तार धीमी

ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन में जोरदार वृद्धि के बावजूद नेट राजस्व की बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम रही। इसकी प्रमुख वजह सरकार द्वारा जारी किए गए रिफंड में भारी बढ़ोतरी रही। अगस्त में कुल जीएसटी रिफंड 67.9 फीसदी बढ़कर 31,795 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल अगस्त में यह 18,935 करोड़ रुपये था। घरेलू रिफंड में 72.6 फीसदी और ICEGATE के जरिए प्रोसेस किए गए एक्सपोर्ट जीएसटी रिफंड में 61.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

नेट जीएसटी रेवेन्यू 8.3 फीसदी बढ़ा

रिफंड में तेज बढ़ोतरी के बावजूद अगस्त में नेट जीएसटी कलेक्शन 8.3 फीसदी बढ़कर 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू 3.4 फीसदी बढ़कर 1.19 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं नेट कस्टम्स जीएसटी में 22.3 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज हुई और यह 49,299 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे पता चलता है कि आयात आधारित टैक्स संग्रह ने नेट राजस्व को भी सहारा दिया।

अप्रैल से अगस्त तक भी राजस्व में मजबूत बढ़ोतरी

चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान भी जीएसटी संग्रह में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 11 फीसदी बढ़कर 10.43 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में नेट जीएसटी रेवेन्यू 9 फीसदी बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये रहा। यह आंकड़ा सरकार के लिए राजस्व संग्रह के मोर्चे पर सकारात्मक संकेत देता है।

यूपी और कई राज्यों में टैक्स कलेक्शन बढ़ा

राज्यों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश ने घरेलू जीएसटी कलेक्शन में 19 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की। तेलंगाना में 16 फीसदी, गुजरात में 15 फीसदी, कर्नाटक और केरल में 13 फीसदी तथा हरियाणा और पंजाब में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। देश में सबसे ज्यादा जीएसटी देने वाले राज्यों में शामिल महाराष्ट्र का कलेक्शन 8 फीसदी बढ़कर 28,779 करोड़ रुपये रहा।

तमिलनाडु और ओडिशा में गिरावट, असम ने चौंकाया

कुछ राज्यों में जीएसटी कलेक्शन का प्रदर्शन कमजोर भी रहा। तमिलनाडु में राजस्व संग्रह में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 7 फीसदी की कमी आई, जबकि राजस्थान और गोवा में कलेक्शन 2 फीसदी घटा। दूसरी ओर असम के आंकड़ों ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, जहां जीएसटी कलेक्शन में 162 फीसदी का असाधारण उछाल दर्ज किया गया। राज्यवार आंकड़े देश में टैक्स संग्रह की अलग-अलग रफ्तार को दिखाते हैं।

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