Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया और उससे जुड़ी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर दिया। प्रदर्शन के चलते मौके पर पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।
अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए मंत्री आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करते नजर आए। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
लखनऊ शिक्षक भर्ती प्रदर्शन में अभ्यर्थियों ने उठाई कई मांगें
बताते चले कि, 68,500 शिक्षक भर्ती के प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों और सरकार के सामने अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला है।
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए न्याय की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में दिव्यांग अभ्यर्थियों के साथ न्याय किए जाने का मुद्दा शामिल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग उम्मीदवारों से जुड़े मामलों को उचित तरीके से हल किया जाना चाहिए और उन्हें उनका अधिकार मिलना चाहिए।
68,500 शिक्षक भर्ती आंदोलन में OBC वर्ग के अभ्यर्थियों की एक प्रमुख मांग परीक्षा में 40 प्रतिशत अंकों के आधार पर पास करने के नियम को लागू करने से जुड़ी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांग पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
शिक्षक भर्ती नियमों को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी
अभ्यर्थियों के मुताबिक, भर्ती से जुड़े नियमों और उनके भविष्य को लेकर लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से उनका कहना है कि सरकार को पूरे मामले में स्पष्ट नीति बनाकर जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि वर्षों से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।
बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर बढ़ी सुरक्षा
प्रदर्शनकारियों के मंत्री आवास का घेराव करने के बाद लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने और वहां से हटने के लिए समझाने का प्रयास किया गया।
प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए
प्रशासन की अपील के बावजूद जब प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मौके पर डटे रहे, तो पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इसके बाद हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों को बसों के जरिए इको गार्डन भेजा गया।
हिरासत के बाद इको गार्डन भेजे गए अभ्यर्थी
पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर स्थिति को नियंत्रित किया गया। हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों को बसों में बैठाकर इको गार्डन ले जाया गया। इस कार्रवाई के बाद 68,500 शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
सरकार से समाधान की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपनी मांगों और भविष्य को लेकर है। वे सरकार से चाहते हैं कि दिव्यांग अभ्यर्थियों से जुड़े मामलों और OBC वर्ग की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
68,500 शिक्षक भर्ती मामले में आगे क्या?
लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब नजर सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग के अगले कदम पर है। अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है और क्या सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल मंत्री आवास के घेराव और अभ्यर्थियों की हिरासत ने लंबे समय से चल रहे 68,500 शिक्षक भर्ती विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है।










