Assam Flood Relief: 16,746 बाढ़ पीड़ित परिवारों को ₹15 हजार, हिमंत सरकार ने भेजे ₹25.12 करोड़

असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए हिमंत बिस्व सरमा सरकार ने बड़ी राहत जारी की है। 16,746 परिवारों को ₹15 हजार प्रति परिवार के हिसाब से कुल ₹25.12 करोड़ की अंतरिम सहायता DBT के जरिए दी गई। आखिर किन जिलों के परिवारों को यह पैसा मिला और सरकार का अगला कदम क्या होगा?

Assam Flood Relief

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 1, 2026

Assam Flood Relief : असम में इस साल आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने मंगलवार को शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों के 16,746 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए कुल 25.12 करोड़ रुपये की अंतरिम सहायता जारी की। पात्र परिवारों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 15-15 हजार रुपये भेजे गए हैं। सरकार के मुताबिक, यह राशि तत्काल जरूरतों और शुरुआती पुनर्वास में मदद करेगी।

बाढ़ के बाद रोजमर्रा की जरूरतों में मिलेगी मदद

असम में मानसून के दौरान हर साल बाढ़ की स्थिति बनती है और इस बार भी कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाढ़ के कारण घरों, फसलों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा जारी अंतरिम सहायता का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहारा देना है। 15 हजार रुपये की राशि से परिवार बाढ़ के बाद भोजन, आवश्यक सामान और अन्य शुरुआती जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।

अब तक 1.17 लाख परिवारों को मिली राहत

राज्य सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, असम में अब तक कुल 1,17,095 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए करीब 175.64 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की जा चुकी है। सरकार लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ा रही है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण राज्य के कई हिस्से हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं, जिससे बड़ी आबादी प्रभावित होती है।

युवाओं को विदेशी भाषा सीखने के लिए एक लाख रुपये

बाढ़ राहत के साथ मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं के तहत भी वित्तीय सहायता जारी की। मुख्यमंत्री की Foreign Language Initiative for Global Human Talent यानी CM-FLIGHT योजना के तहत चयनित युवाओं को विदेशी भाषा प्रशिक्षण के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। फिलहाल इस कार्यक्रम में जापानी भाषा प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह राशि लाभार्थियों को तीन किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी।

नौकरी मिलने पर अतिरिक्त 50 हजार रुपये की मदद

CM-FLIGHT योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर भी सरकार का फोकस है। भाषा प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नौकरी हासिल करने वाले उम्मीदवारों को 50 हजार रुपये की अतिरिक्त पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य केवल युवाओं को विदेशी भाषा सिखाना नहीं, बल्कि उनके प्रशिक्षण को रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी है। इससे विदेश और देश में बेहतर रोजगार हासिल करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

जापानी भाषा प्रशिक्षण से वैश्विक रोजगार पर जोर

सरकार CM-FLIGHT के जरिए असम के युवाओं को विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षित कर वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करना चाहती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार ने इस कार्यक्रम के तहत कम से कम 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। जापानी भाषा का प्रशिक्षण ले रहे कुछ अभ्यर्थी JFT-Basic परीक्षा भी पास कर चुके हैं। इससे संकेत मिलता है कि योजना को भाषा प्रशिक्षण के साथ रोजगार की जरूरतों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

स्नातक युवाओं के लिए भी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने Mukhyamantri Jibon Prerana Scheme के तहत नए स्नातकों के लिए भी वित्तीय सहायता जारी की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, योजना में 48,188 पात्र उम्मीदवारों को शामिल किया गया है। इनके लिए कुल 118.6 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। योजना के तहत पात्र युवाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इससे पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी या करियर की तैयारी कर रहे युवाओं को शुरुआती दौर में आर्थिक सहारा मिलेगा।

राहत के साथ रोजगार और कौशल विकास पर सरकार का फोकस

असम सरकार की मंगलवार की घोषणाओं में आपदा राहत के साथ युवाओं के रोजगार और कौशल विकास पर भी जोर दिखाई दिया। एक ओर बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी गई, वहीं दूसरी तरफ स्नातकों को मासिक वित्तीय मदद और युवाओं को विदेशी भाषा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ राज्य के युवाओं की रोजगार क्षमता और वैश्विक अवसरों तक पहुंच को मजबूत करना है।

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