Imran Khan Relief: इमरान खान-बुशरा बीबी को बड़ी राहत, कोर्ट ने एकांत कारावास पर लगाई रोक

पाकिस्तान की जेल में बंद इमरान खान और बुशरा बीबी को अदालत से बड़ी राहत मिली है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने दोनों को एकांत कारावास में रखने पर रोक लगाई। साथ ही परिवार से मुलाकात, फोन कॉल, किताबें, अखबार और चिकित्सा सुविधाओं के निर्देश दिए। क्या यह फैसला इमरान की मुश्किलें और कम करेगा?

Imran Khan Relief

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 1, 2026

Imran Khan Relief:  पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को लेकर इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने मंगलवार को अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने अदियाला जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि दोनों को एकांत कारावास में न रखा जाए। क्रिकेटर से राजनेता बने 73 वर्षीय इमरान खान और उनकी पत्नी इस समय रावलपिंडी स्थित अदियाला जेल में बंद हैं। दोनों भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सजा काट रहे हैं।

परिवार से मुलाकात की अनुमति देने का निर्देश

इस्लामाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति खादिम हुसैन सोमरो ने इमरान खान और बुशरा बीबी को कथित तौर पर एकांत कारावास में रखे जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। अदालत ने इन याचिकाओं को सुनवाई योग्य माना। इसके साथ ही जेल प्रशासन को निर्देश दिया गया कि जेल नियमों के अनुसार इमरान खान के परिवार के सदस्यों को उनसे मुलाकात की अनुमति दी जाए।

बेटों से फोन पर बातचीत की भी मिलेगी सुविधा

अदालत ने इमरान खान को उनके बेटों से फोन पर बातचीत की सुविधा उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। आदेश में जेल अधिकारियों से कहा गया है कि नियमों के तहत परिवार से संपर्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इमरान खान के परिवार और समर्थक पहले भी जेल में मुलाकात तथा संपर्क को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। अब अदालत के निर्देश के बाद इस व्यवस्था पर प्रशासन को कार्रवाई करनी होगी।

रोजाना समाचार पत्र और किताबें उपलब्ध कराने का आदेश

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने अदियाला जेल प्रशासन को इमरान खान के लिए रोजाना समाचार पत्र और किताबें उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है। इसके अलावा अदालत ने जेल नियमों के मुताबिक उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कैदी को निर्धारित नियमों के अनुसार जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है।

15 दिन में देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट

अदालत ने अदियाला जेल के अधीक्षक को अपने निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही जेल प्रशासन को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया है। इस रिपोर्ट के जरिए यह जानकारी दी जाएगी कि अदालत के आदेशों को किस तरह लागू किया गया। इससे जेल में इमरान खान की स्थिति और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की निगरानी का न्यायिक रास्ता भी खुला रहेगा।

6 अगस्त को सुरक्षित रखा गया था फैसला

न्यायमूर्ति खादिम हुसैन सोमरो ने 6 अगस्त को इमरान खान की बहन अलीमा खानम और बुशरा बीबी की बेटी मुबाशरा खावर मनेका की ओर से अलग-अलग दायर याचिकाओं पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि इमरान खान और बुशरा बीबी को कथित तौर पर एकांत कारावास में रखा जा रहा है। मंगलवार को अदालत ने इन याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया।

अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान खान

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। जिन मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया है, उन्हें वह और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं। उनके परिवार और समर्थकों ने कई मौकों पर आरोप लगाया कि जेल में उनसे परिवार की मुलाकात और उचित चिकित्सा सुविधाओं को लेकर प्रतिबंध लगाए गए। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।

बुशरा बीबी की गिरफ्तारी और जेल जाने का सिलसिला

बुशरा बीबी को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पहली बार 31 जनवरी 2024 को जेल भेजा गया था। करीब नौ महीने जेल में रहने के बाद उन्हें 24 अक्टूबर 2024 को जमानत मिल गई थी। इसके बाद भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 17 जनवरी 2025 को उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उन्हें भ्रष्टाचार से संबंधित कुछ अन्य मामलों में भी सजा सुनाई गई और वह फिलहाल अदियाला जेल में बंद हैं।

कोर्ट के आदेश से जेल सुविधाओं पर बढ़ेगी निगरानी

इस्लामाबाद हाई कोर्ट के ताजा आदेश को इमरान खान और बुशरा बीबी से जुड़े जेल विवाद में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अदालत ने एकांत कारावास से संबंधित शिकायतों पर निर्देश देने के साथ परिवार से संपर्क, समाचार पत्र, किताबों और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था तय की है। अब जेल प्रशासन को निर्धारित समय सीमा में इन निर्देशों के पालन की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

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