UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी संस्था की वास्तविक पहचान इस बात से होती है कि वह अपने संसाधनों और विशेषज्ञता का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक किस तरह पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का निश्शुल्क ओपीडी और ब्लड बैंक जैसी सेवाएं संचालित करना समाज के प्रति अतिरिक्त जिम्मेदारी का उदाहरण है।
गोरखपुर आईएमए की चैरिटी पहल की सीएम योगी ने सराहना की

बताते चले कि, मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में आईएमए ने पहले निश्शुल्क ओपीडी और अब चैरिटेबल ब्लड सेंटर की शुरुआत की है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के जरूरतमंद मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने आईएमए गोरखपुर के पदाधिकारियों और सभी सदस्यों को इस पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि संस्था ने उपलब्ध कराई गई जमीन का उपयोग सामाजिक सेवा के लिए करते हुए उसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा में बदला है।
‘रक्त बनाया नहीं जा सकता, रक्तदाता तैयार करना होगा’
सीएम योगी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, लेकिन रक्त का निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके लिए स्वैच्छिक रक्तदाताओं की जरूरत होती है। उन्होंने चिकित्सकों से लोगों को नियमित रूप से रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों के जरिए भी रक्तदान को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।
पेशेवर रक्तदाताओं पर निगरानी की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्त की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करना चुनौती है, लेकिन इसके साथ रक्त की सुरक्षा और गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सकों से पेशेवर रक्तदाताओं और संक्रमित रक्त के संभावित जोखिम को लेकर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति के रक्तदान को लेकर निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। ऐसे मामलों की जानकारी शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और जागरूकता कार्यक्रमों में चिकित्सकों की भूमिका अहम है।
नौ साल में बदली गोरखपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब नौ वर्ष पहले गोरखपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने कई चुनौतियां थीं। इंसेफ्लाइटिस को लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में चिंता का माहौल रहता था और बीआरडी मेडिकल कॉलेज पर स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा दबाव था। उन्होंने कहा कि अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार हुआ है और यह इंसेफ्लाइटिस समेत कई गंभीर बीमारियों के उपचार का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
गोरखपुर में एम्स समेत कई बड़े संस्थान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दो मेडिकल कॉलेज और चार विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। आसपास के महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में भी मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 75 जिलों के मुकाबले 85 मेडिकल कॉलेज संचालित होना स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को दर्शाता है।
इंसेफ्लाइटिस पर नियंत्रण का सीएम योगी ने किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारी, जिसे लेकर कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में लोगों के बीच भय का माहौल रहता था, उस पर प्रभावी नियंत्रण हासिल किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, जागरूकता और बेहतर उपचार व्यवस्था से स्थिति में बदलाव आया है। सीएम ने कहा कि गोरखपुर के चिकित्सकों ने चिकित्सा सेवा के साथ चैरिटी के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
गुरु गोरखनाथ अस्पताल का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय का उदाहरण देते हुए कहा कि अस्पताल की शुरुआत सीमित बेड से करने की चर्चा थी, लेकिन स्थानीय चिकित्सकों के सहयोग से इसे 100 बेड के अस्पताल के रूप में विकसित किया गया। उन्होंने कहा कि इससे यह साबित होता है कि सेवा और चैरिटी के आधार पर भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा संस्थान संचालित किए जा सकते हैं।
गोरखपुर में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय में पूर्वी उत्तर प्रदेश की पहली आईसीयू और बाद में डायलिसिस सुविधा शुरू हुई। आज गोरखपुर में कई अस्पताल डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी जिला अस्पतालों में निश्शुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए हैं।
मेडिकल शिक्षा में भी बढ़ी सीटें
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें करीब 4,600 से बढ़कर 13,500 से अधिक हो गई हैं। स्नातकोत्तर सीटों में भी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
मेडटेक और चिकित्सा शोध को बढ़ावा
सीएम योगी ने चिकित्सा क्षेत्र में शोध और नई तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने आईआईटी कानपुर में मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाने और एसजीपीजीआई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और शोध के जरिए प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सकता है।
आईएमए गोरखपुर ने लिया रक्तदान अभियान आगे बढ़ाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजसेवा के कार्यों से लोगों का संस्थाओं पर विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने आईएमए गोरखपुर से चैरिटेबल ब्लड सेंटर को लगातार आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आईएमए के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और ब्लड सेंटर को उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित करने का संकल्प लिया।










