Good Friday 2026: ईसा मसीह के बलिदान के शोकभरे दिन को आखिर ‘गुड’ फ्राइडे क्यों कहा जाता है? जानें रहस्य

गुड फ्राइडे उस दिन को कहा जाता है जब यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। यह दिन दुख और शोक का प्रतीक होते हुए भी "गुड" इसलिए कहलाता है क्योंकि ईसाई मान्यता के अनुसार यीशु ने अपनी मृत्यु से मानवता के पापों का प्रायश्चित किया।

Good Friday 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 3, 2026

Good Friday 2026: गुड फ्राइडे वह पवित्र दिन है जब ईसाई धर्म में विश्वास रखने वाले यह याद करते हैं कि प्रभु यीशु मसीह को इंसानों के पापों का प्रायश्चित करने के लिए सूली पर चढ़ाया गया। यह दिन शोक और श्रद्धा दोनों का प्रतीक है, लेकिन इसके बावजूद इसे “गुड फ्राइडे” कहा जाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन को “गुड” क्यों कहा गया और इसके पीछे की धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यताएँ क्या हैं।

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गुड फ्राइडे का ऐतिहासिक महत्व

Good Friday 2026
आखिर ‘गुड’ फ्राइडे क्यों कहा जाता है?

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 1290 ईस्वी में लिखी गई डिक्शनरी में इसे पहले “Gouud Friday” के रूप में लिखा गया था। समय के साथ यह शब्द बदलकर “गुड फ्राइडे” प्रचलित हो गया। दुनियाभर में इसे इसी नाम से जाना जाता है। सवाल यह उठता है कि जिस दिन यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया, उसमें “गुड” शब्द क्यों जोड़ा गया।

गुड फ्राइडे में “गुड” क्यों?

ईसाई धर्म की मान्यता के अनुसार, प्रभु यीशु ने अपनी मृत्यु के माध्यम से मानवता के पापों का प्रायश्चित किया। इस वजह से, यह दिन दुखद होते हुए भी मोक्ष और उद्धार का प्रतीक माना जाता है।

इसके अतिरिक्त यह भी माना जाता है कि पुराने समय में “गुड” शब्द केवल अच्छा अर्थ नहीं देता था, बल्कि इसे पवित्र या धार्मिक अर्थ में भी प्रयोग किया जाता था। इसी कारण से गुड फ्राइडे को कभी-कभी “Holy Friday” यानी पवित्र शुक्रवार भी कहा जाता है।

गुड फ्राइडे न केवल दुख और शोक का प्रतीक है, बल्कि इसे आशा और जीवन की जीत के रूप में भी देखा जाता है। इसके बाद ईस्टर आता है, जिस दिन यीशु मसीह के पुनर्जीवित होने की घटना मनाई जाती है। यही वजह है कि इसे शुभ और पवित्र दिन माना जाता है।

साहित्य में गुड फ्राइडे

ग्रीक साहित्य में इसे “Holy Friday” कहा गया है। इसका कारण यह है कि प्रभु यीशु को शुक्रवार के दिन ही सूली पर चढ़ाया गया था। बाइबल की किताबों में भी इसे विशेष महत्व दिया गया है। उदाहरण के लिए, बाइबल की किताब पहले सद सभोपदेशक 7:1 में लिखा है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु का दिन जन्म से भी ज्यादा पवित्र होता है। इसी दृष्टिकोण के कारण इस दिन को विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

गुड फ्राइडे का आध्यात्मिक संदेश

गुड फ्राइडे का संदेश केवल शोक तक सीमित नहीं है। यह मानवता के लिए प्रेम, त्याग और परोपकार का प्रतीक भी है। यीशु मसीह ने अपनी मृत्यु के माध्यम से इंसानों को पापों से मुक्ति दिलाने का मार्ग दिखाया। इस दिन को श्रद्धा और उपासना के साथ मनाने से जीवन में आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

इस प्रकार, गुड फ्राइडे दुखद घटनाओं के बावजूद मानवता के लिए आशा, मोक्ष और आध्यात्मिक बल का प्रतीक है। इसे मनाना ईसाई धर्मावलंबियों के लिए धार्मिक कर्तव्य और जीवन में धार्मिक जागरूकता का अवसर है।

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