Gaza Peace Board: गाजा पीस बोर्ड में रूस की एंट्री, क्या पुतिन बनेंगे फिलिस्तीन की नई आवाज?

राहुल गांधी की चेतावनी: क्या मनरेगा को खत्म कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचा रही सरकार? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मनरेगा के फंड में कटौती और इसके संभावित निरस्तीकरण को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राहुल ने सवाल किया कि आखिर करोड़ों मजदूरों के पेट पर लात मारकर सरकार किन उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाना चाहती है? जानें राहुल गांधी के 5 तीखे सवाल।

Gaza Peace Board

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 22, 2026

Gaza Peace Board: गाजा में युद्ध विराम के बाद अब कूटनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘गाजा पीस बोर्ड’ की स्थापना के बीच फिलिस्तीन प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास मॉस्को पहुंचे हैं. रूस के राष्ट्रपति आवास क्रेमलिन में व्लादिमीर पुतिन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. अब्बास का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया है. ट्रंप प्रशासन ने न केवल अब्बास को शांति बोर्ड और विकास समिति से बाहर रखा है, बल्कि उनके आधिकारिक पद को भी मान्यता देने से इनकार कर दिया है.

पुतिन का बड़ा दांव: संपत्ति से बैन हटा तो गाजा को देंगे 1 बिलियन डॉलर

समाचार एजेंसी तास की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने महमूद अब्बास के साथ बातचीत के दौरान गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने की गहरी इच्छा व्यक्त की है. पुतिन ने इस दौरान अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए एक शर्त भी रखी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने रूस की जो संपत्ति जब्त कर रखी है, यदि उस पर से प्रतिबंध हटाया जाता है, तो रूस गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 1 बिलियन डॉलर की सहायता राशि देने को तैयार है. पुतिन का यह बयान अमेरिका पर दबाव बनाने और मध्य पूर्व में रूस की प्रासंगिकता साबित करने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है.

अब्बास को साइडलाइन करना अमेरिका की रणनीति: पुतिन ने भुनाया मौका

महमूद अब्बास 1994 से फिलिस्तीन प्राधिकरण के राष्ट्रपति हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप की नई नीतियों ने उन्हें हाशिए पर धकेल दिया है. शांति समझौतों और भविष्य की योजनाओं में अब्बास की अनुपस्थिति ने गाजा के भीतर कई संगठनों में रोष पैदा कर दिया है. पुतिन ने इसी नाराजगी को भांपते हुए अब्बास से मुलाकात की है. जानकारों का मानना है कि पुतिन यह संदेश देना चाहते हैं कि गाजा के भविष्य का फैसला केवल अमेरिका और इजराइल बंद कमरों में नहीं कर सकते. अब्बास से हाथ मिलाकर रूस ने गाजा के असंतुष्ट गुटों को अपना समर्थन देने का संकेत दिया है.

क्या है ट्रंप का गाजा पीस बोर्ड: शांति और पुनर्निर्माण का खाका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा और इजराइल के बीच जंग रुकवाने के बाद वहां के कायाकल्प के लिए ‘गाजा विकास बोर्ड’ का गठन किया है. इस बोर्ड के दो मुख्य लक्ष्य हैं: पहला, गाजा पट्टी में स्थायी शांति सुनिश्चित करना और दूसरा, युद्ध से तबाह हो चुके बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करना. ट्रंप स्वयं इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं. बोर्ड के नियमों के अनुसार, स्थायी सदस्य बनने के लिए 1 बिलियन डॉलर का योगदान देना अनिवार्य है, जिसे विकास कार्यों में निवेश किया जाएगा. हालांकि, इसमें फिलिस्तीनी नेतृत्व को शामिल न करना एक बड़ा विवाद बन गया है.

गाजा का भविष्य: 2 लाख इमारतें, बंकर और आधुनिक बंदरगाह का प्रस्ताव

अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के पीस बोर्ड ने गाजा के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है. इसके तहत गाजा में 2 लाख नई इमारतों का निर्माण किया जाएगा. नागरिकों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक बंकर, विश्वस्तरीय अस्पताल और सामुदायिक केंद्र बनाने का भी प्रस्ताव है. सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव गाजा के तट पर एक नया बंदरगाह बनाने का है, जिससे इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिल सके. लेकिन, नेतन्याहू को बोर्ड में शामिल करने और अब्बास को बाहर रखने के विरोध में गाजा की सड़कों पर प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं, जिससे शांति प्रक्रिया पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.

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