जनपदों की मांग के अनुसार धनराशि का आवंटन, पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक लगभग 38 हजार आश्रित परिवार लाभान्वित हुए

लखनऊ  किसान और खेती प्रदेश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। ऐसे में खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना इसी संवेदनशील सोच का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आई है। दुर्घटना की स्थिति में किसान और उसके परिवार को आर्थिक संकट से बचाने के लिए शुरू की गई इस योजना को सरकार ने लगातार मजबूत बजटीय आधार दिया है। करोड़ों रुपये के प्रावधान के साथ बड़ी संख्या में आश्रित परिवारों को इसका लाभ मिलना योजना के व्यापक प्रभाव को दर्शा रहा है। इसके तहत पिछले वित्तीय

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Published On :

अगस्त 18, 2026

लखनऊ
 किसान और खेती प्रदेश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। ऐसे में खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना इसी संवेदनशील सोच का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आई है। दुर्घटना की स्थिति में किसान और उसके परिवार को आर्थिक संकट से बचाने के लिए शुरू की गई इस योजना को सरकार ने लगातार मजबूत बजटीय आधार दिया है। करोड़ों रुपये के प्रावधान के साथ बड़ी संख्या में आश्रित परिवारों को इसका लाभ मिलना योजना के व्यापक प्रभाव को दर्शा रहा है। इसके तहत पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक 38 हजार से अधिक आश्रितों को लाभान्वित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 14 सितंबर 2019 से लागू है। योजना के तहत दुर्घटना के कारण मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में अधिकतम पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। योजना का दायरा भी व्यापक रखा गया है, ताकि कृषि कार्य से जुड़े पात्र परिवारों को कठिन समय में सरकारी सहायता मिल सके। खतौनी में दर्ज खातेदार और सहखातेदार के साथ ऐसे कमाऊ पारिवारिक सदस्य भी इसके दायरे में आते हैं, जिनकी आजीविका का मुख्य स्रोत खातेदार या सहखातेदार के नाम दर्ज भूमि से होने वाली कृषि आय है। पट्टे या बटाई की भूमि पर खेती करने वाले पात्र भूमिहीन कृषक भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

पिछले वित्तीय वर्ष में 21 हजार से ज्यादा परिवारों को मिला लाभ
इसके बजट में लगातार बढ़ोतरी सरकार की प्राथमिकता को भी दर्शा रही है। राजस्व विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए 1050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। जनपदों की मांग के अनुसार पूरी धनराशि का आवंटन किया गया और इससे करीब 21,659 आश्रित परिवार लाभान्वित हुए। यह योजना जरूरत के समय किसान परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

चालू वित्तीय वर्ष में 17 हजार से ज्यादा आश्रित लाभान्वित
वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार ने योजना के लिए बजट को और बढ़ाते हुए 1150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यानी पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में बजट में 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके सापेक्ष प्रथम और द्वितीय किस्त के रूप में 862.50 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। जनपदों की मांग के अनुसार 813.81 करोड़ रुपये का आवंटन भी किया जा चुका है। इसके माध्यम से अब तक करीब 17,152 आश्रित परिवार लाभान्वित हुए हैं। वित्तीय वर्ष अभी जारी होने के कारण यह आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है।

योजना की प्रगति के लिए हो रही निगरानी
राजस्व विभाग इसके सुचारु और पारदर्शी संचालन पर भी लगातार जोर दे रहा है। योजना की खासियत केवल बजट बढ़ाने तक सीमित नहीं है। जिलाधिकारियों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। योजना के लिए विकसित पोर्टल को सीएम डैशबोर्ड से इंटीग्रेट किया गया है, जिससे योजना की प्रगति की निगरानी और क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है।