Vrindavan News: प्रेमानंद महाराज से जुड़े विवाद ने पकड़ा तूल, किडनी जांच की मांग से लेकर विराट कोहली के बयान तक मचा घमासान

Vrindavan News: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने डीएम को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच और प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी अस्पताल में जांच कराने की मांग की है। वहीं विराट कोहली के प्रवक्ता ने आश्रम में पांच करोड़ रुपये लेकर पहुंचने के आरोप को खारिज किया है। कैसे बढ़ा विवाद ? आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को आत्महत्या के

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 7, 2026

Vrindavan News: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने डीएम को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच और प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी अस्पताल में जांच कराने की मांग की है। वहीं विराट कोहली के प्रवक्ता ने आश्रम में पांच करोड़ रुपये लेकर पहुंचने के आरोप को खारिज किया है।

कैसे बढ़ा विवाद ?

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को आत्महत्या के बाद वृंदावन में विवादों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। इस घटना के बाद कई परिवारों के वृंदावन पहुंचकर अपने बच्चों के लापता होने की शिकायत करने की बात सामने आई है। इन घटनाओं के बीच अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और माता शाकुम्भरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने भी पूरे मामले को लेकर आवाज उठाई है।

निष्पक्ष जांच और प्रेमानंद महाराज की किडनी जांच की मांग

बताते चले कि, आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियों की सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि इस मामले में सामने आ रहे अलग-अलग दावों और विवादों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होनी चाहिए।

2024 में भी उठाई थी प्रेमानंद महाराज की मेडिकल जांच की मांग

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दावा किया है कि उन्होंने 3 जुलाई 2024 को तत्कालीन जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियों की सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच कराने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी। अब एक बार फिर उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

विराट कोहली के आश्रम जाने पर पांच करोड़ रुपये का दावा

इसी बीच प्रेमानंद महाराज से जुड़े विवाद में क्रिकेटर विराट कोहली का नाम आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया। दिनेश फलहारी की ओर से दावा किया गया था कि विराट कोहली पांच करोड़ रुपये लेकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे थे। हालांकि, विराट कोहली के प्रवक्ता ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे झूठा, निराधार और तथ्यों के विपरीत बताया है।

विराट कोहली की आस्था को लेकर प्रवक्ता का स्पष्टीकरण

विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से मंगलवार को जारी बयान में कहा गया कि क्रिकेटर प्रेमानंद महाराज के पास केवल अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण जाते हैं। प्रवक्ता ने ऐसे दावों को लेकर मीडिया से सावधानी बरतने की अपील की है। बयान में कहा गया कि किसी भी आरोप या दावे को प्रकाशित अथवा प्रचारित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन किया जाना चाहिए और जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग होनी चाहिए।

प्रेमानंद महाराज के शिष्य परिकर में गुटबाजी का आरोप

वहीं, चतु:सम्प्रदाय वैष्णव परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने भी विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य परिकर में गुटबाजी के कारण कई तरह के विवाद सामने आ रहे हैं। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से इस स्थिति पर तत्काल अंकुश लगाने की अपील की।

संत सिद्ध साधक, लेकिन अनुयायियों के व्यवहार पर सवाल

महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज वास्तव में सिद्ध साधक हैं, लेकिन उनके कुछ शिष्य और अनुयायी लोगों के साथ गलत व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज को अपना चित्त भजन में लगाना चाहिए। उनके मुताबिक, शिष्य परिकर में चल रही कथित खींचतान और विवादों से संत की छवि भी प्रभावित हो सकती है।

रसिक दुलारी शरण मौत मामले में पुलिस जांच तेज

रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। कई पुलिस टीमें अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक नगर राजीव कुमार के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण के रिश्तेदारों, दोस्तों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इन लोगों से मिली जानकारी के आधार पर मामले से जुड़े तथ्यों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

वायरल वीडियो और डीवीआर की भी जांच

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और डीवीआर से जुड़े सवालों पर एएसपी ने बताया कि पुलिस वायरल वीडियो के स्रोत की जांच कर रही है। मामले से संबंधित डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को वैज्ञानिक एवं वैधानिक जांच के लिए पुलिस कस्टडी में सुरक्षित रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही इन साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आश्रम में मारपीट की खबरों को पुलिस ने बताया निराधार

सोशल मीडिया पर आश्रम परिसर में परिजनों के साथ कथित अभद्रता या मारपीट की खबरें भी सामने आई थीं। पुलिस ने इन दावों को निराधार बताया है। एएसपी के अनुसार, अब तक स्थानीय पुलिस के संज्ञान में ऐसी कोई शिकायत या तथ्य नहीं आया है। पुलिस प्रशासन ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और किसी भी अपुष्ट सूचना को फैलाने से बचें।

लापता लोगों की तलाश में लगे पोस्टर

लापता लोगों की तलाश के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जाने को लेकर भी पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। एएसपी ने बताया कि परिजनों की ओर से पोस्टर लगाना तलाश की स्थापित प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस भी अपनी कार्यप्रणाली के तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और आश्रमों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगवा रही है, ताकि किसी व्यक्ति के बारे में कोई सुराग मिलने पर तत्काल पुलिस या परिजनों को सूचना दी जा सके।

प्रेमानंद महाराज विवाद में कई सवाल

रसिक दुलारी शरण की मौत, कथित रूप से लापता लोगों की शिकायतें, आश्रम से जुड़े आरोप, प्रेमानंद महाराज की मेडिकल जांच की मांग और विराट कोहली से जुड़े दावे—इन सभी घटनाक्रमों ने वृंदावन में चल रहे विवाद को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के साथ लोगों से पूछताछ कर रही है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।