
UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक और पूर्व नौकरशाह की एंट्री होने जा रही है। बिजनौर की धामपुर विधानसभा सीट से रिटायर्ड IAS अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। तीन महीने पहले ही जौनपुर के जिलाधिकारी पद से रिटायर हुए डॉ. सिंह ने अब अपने गृह क्षेत्र की राजनीति में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। उनके इस ऐलान के बाद स्थानीय सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
धामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे पूर्व IAS डॉ. दिनेश चंद्र सिंह
बताते चले कि, उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। इसी बीच बिजनौर जिले की धामपुर विधानसभा सीट से एक नया नाम सामने आया है। प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी रह चुके रिटायर्ड IAS अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने सक्रिय राजनीति में उतरने का फैसला किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह बीजेपी के टिकट पर धामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

31 अक्टूबर 2026 को बिजनौर के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपनी राजनीतिक मंशा जाहिर की। डॉ. सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से धामपुर क्षेत्र के पुरैनी गांव के रहने वाले हैं। अब सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद वह अपने क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर काम करना चाहते हैं।
बाहरी नेताओं पर निशाना, बोले- धामपुर की मिट्टी से मेरा रिश्ता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि महात्मा विदुर की इस धरती से कई लोग चुनाव जीतकर बड़े पदों तक पहुंचे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनमें से कई नेता क्षेत्र में वापस आकर जनता की सेवा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि बिजनौर की जनता ने हमेशा बाहरी लोगों को भी अपना समर्थन दिया है, लेकिन उनका रिश्ता इस मिट्टी से है। वह धामपुर के ही रहने वाले हैं और क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर विकास के काम करना चाहते हैं।
अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि जिस तरह छोटी सी गिलहरी ने रामसेतु बनाने में अपनी भूमिका निभाई थी, उसी तरह वह भी बिजनौर के विकास में अपना छोटा सा योगदान देना चाहते हैं।
कई जिलों में DM रह चुके हैं डॉ. दिनेश चंद्र सिंह, प्रशासनिक अनुभव गिनाए
डॉ. दिनेश चंद्र सिंह का प्रशासनिक करियर भी उनकी दावेदारी का अहम हिस्सा है। वह जौनपुर, सहारनपुर, बहराइच और कानपुर देहात जैसे जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। तीन महीने पहले ही वह जौनपुर के डीएम पद से रिटायर हुए हैं। वह देश के बेहतर चुनाव प्रशिक्षकों में गिने जाने वाले IAS अधिकारियों में भी शामिल रहे हैं। इसके अलावा सहारनपुर में डीएम रहते हुए उन्होंने महज 15 दिनों में 2.54 लाख आयुष्मान कार्ड बनवाने का दावा किया था। इस काम के लिए तत्कालीन मुख्य सचिव की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया था।


डॉ. सिंह का कहना है कि प्रशासनिक सेवा के दौरान मिला अनुभव अब वह धामपुर के विकास में लगाना चाहते हैं। उनकी प्राथमिकताओं में बेहतर सड़कें, मजबूत शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के लिए रोजगार और भविष्य के बेहतर अवसर शामिल हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए भी किया था आवेदन
डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा एक अहम अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन किया था। कुल 5,585 आवेदकों में से इंटरव्यू के लिए चुने गए 16 उम्मीदवारों में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। हालांकि पद एक ही होने के कारण अंतिम चयन किसी दूसरे उम्मीदवार का हुआ।
वहीं, बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात की भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है। इस मुलाकात के बाद स्थानीय बीजेपी नेताओं के बीच उनकी संभावित दावेदारी को लेकर हलचल और बढ़ गई है।
BJP से टिकट की उम्मीद, अब हाईकमान के फैसले पर नजर
डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने साफ कहा कि वह बीजेपी की राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रभावित हैं और धामपुर विधानसभा सीट से पार्टी का टिकट मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि अभी बीजेपी की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अब सवाल यह है कि क्या बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनाव में धामपुर सीट से किसी अनुभवी पूर्व IAS अधिकारी पर दांव लगाएगी या फिर मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए किसी दूसरे चेहरे को मौका देगी? फिलहाल डॉ. दिनेश चंद्र सिंह के चुनाव लड़ने के ऐलान ने धामपुर की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।











