Manipur Violence: नोनी में कई घंटे चली गोलीबारी, 3 की मौत; कांगपोकपी में दो शव मिलने से मचा हड़कंप

मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। नोनी जिले के केकड़ू नागा गांव में दो गुटों के बीच गोलीबारी में तीन कुकी युवकों की मौत हो गई। वहीं, कांगपोकपी जिले से लापता हुए दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में तनाव और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

Manipur Violence

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 1, 2026

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Manipur Violence: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की घटनाओं ने तनाव बढ़ा दिया है। नोनी जिले में दो गुटों के बीच कई घंटों तक गोलीबारी हुई, जिसमें तीन कुकी युवकों की जान चली गई। वहीं, कांगपोकपी जिले से लापता हुए दो लोगों के शव भी सुरक्षा बलों को मिले हैं। इन घटनाओं के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

नोनी जिले में दो गुटों के बीच भीषण गोलीबारी

नोनी जिले में दो गुटों के बीच भीषण गोलीबारी

मणिपुर में हिंसा का सिलसिला एक बार फिर चिंता बढ़ा रहा है। इस बार नोनी जिले के पहाड़ी इलाके से गोलीबारी की खबर सामने आई है। यहां के केकड़ू नागा गांव में शनिवार सुबह दो गुटों के बीच अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। देखते ही देखते हालात ऐसे हो गए कि कई घंटों तक पहाड़ी इलाके में रुक-रुककर गोलियां चलती रहीं। इस गोलीबारी में कुकी समुदाय के तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान थांगलेंसंग सिंगसन, थांगखोसेई हाओकिप और लम्मिनसंग किपजेन के तौर पर हुई है। तीनों चुराचंदपुर जिले के हेंगलेप और थानलन के अंदरूनी इलाकों के रहने वाले थे।

कुकी समुदाय के तीन युवकों की हत्या पर KIM ने जताई नाराजगी

इस घटना के बाद कुकी समुदाय के संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कुकी नागरिक संगठनों का कहना है कि गोलीबारी में जान गंवाने वाले तीनों युवक ग्राम स्वयंसेवक थे। वहीं, कुकी समुदाय के सर्वोच्च संगठन कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने इन हत्याओं की कड़ी निंदा की है। संगठन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि इन हत्याओं के पीछे नागा उग्रवादी समूहों का हाथ है। हालांकि, यह आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। KIM ने सरकार से मांग की है कि मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए, जिम्मेदार लोगों की पहचान हो और दोषियों की जवाबदेही तय की जाए। संगठन ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की भी मांग उठाई है।

नोनी में गोलीबारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त

नोनी में गोलीबारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त

लगातार कई घंटों तक चली गोलीबारी के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को देखते हुए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्र में किसी भी तरह की नई हिंसक घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जा रही है।

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कांगपोकपी में दो लापता लोगों के शव मिले

मणिपुर में तनाव की दूसरी बड़ी खबर कांगपोकपी जिले से आई है। यहां 28 अक्टूबर को लापता हुए दो लोगों के शव रविवार को बरामद किए गए। दोनों की तलाश में पुलिस और सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे थे।पुलिस के मुताबिक, एसपी रोड के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के पूर्वी इलाके में व्यापक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान दोनों शव मिले। मृतकों की पहचान तांगगिनलुन चोंगलोई और पाओगिनलाल हांगसिंग के रूप में हुई है। दोनों ताफौ गांव के रहने वाले थे।

मणिपुर में लापता युवकों की तलाश के बीच 48 घंटे का बंद

दोनों युवकों के लापता होने के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था। कांगपोकपी स्थित संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) ने उनकी सुरक्षित और बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर 48 घंटे के पूर्ण बंद का ऐलान किया था।यह बंद 29 अक्टूबर को शाम पांच बजे शुरू हुआ था और 31 अक्टूबर को शाम पांच बजे तक चलना था। इसके साथ ही संगठन ने मणिपुर के राजमार्गों पर नाकेबंदी भी की थी। बाद में COTU ने बंद और राजमार्गों की नाकेबंदी को आगे बढ़ाने का फैसला लिया।

मणिपुर में फिर क्यों बढ़ रहा है तनाव?

दरअसल, नोनी और कांगपोकपी में सामने आई ये दोनों घटनाएं ऐसे समय हुई हैं, जब राज्य के अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा और शांति को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं। एक तरफ नोनी में तीन लोगों की गोलीबारी में मौत हुई, तो दूसरी तरफ कांगपोकपी में दो लापता लोगों के शव मिलने से तनाव और बढ़ गया है। दोनों घटनाओं ने स्थानीय समुदायों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर सुरक्षा बलों की आगे की कार्रवाई और प्रशासन की जांच पर है। फिलहाल इन घटनाओं के पीछे की पूरी वजह और जिम्मेदार लोगों को लेकर आधिकारिक जांच के नतीजों का इंतजार है।

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