मतदाता सूची में लापरवाही पर कार्रवाई, भिलाई के चार अधिकारियों से मांगा जवाब

भिलाई. नगर पालिका आम निर्वाचन-2026 के लिए तैयार की जा रही निर्वाचक नामावली में मतदाता स्थानांतरित त्रुटि की सूचना सामने आई है। भिलाई चरोदा निगम के 40 वार्डों में से 16 वार्डों के 1204 मतदाताओं के नाम उनके निर्धारित वार्डों में दर्ज न होकर अन्य वार्डों में दर्ज है। इस पर कलेक्टर ने चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। कलेक्टर एवं जिला निवार्चन अधिकारी अभिजीत सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चार अधिकारियों-रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्रकाश सोनी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रवि विश्वकर्मा, अतिरिक्त सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आलोक पसीने और

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Published On :

नवम्बर 1, 2026

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भिलाई.

नगर पालिका आम निर्वाचन-2026 के लिए तैयार की जा रही निर्वाचक नामावली में मतदाता स्थानांतरित त्रुटि की सूचना सामने आई है। भिलाई चरोदा निगम के 40 वार्डों में से 16 वार्डों के 1204 मतदाताओं के नाम उनके निर्धारित वार्डों में दर्ज न होकर अन्य वार्डों में दर्ज है। इस पर कलेक्टर ने चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।

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कलेक्टर एवं जिला निवार्चन अधिकारी अभिजीत सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चार अधिकारियों-रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्रकाश सोनी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रवि विश्वकर्मा, अतिरिक्त सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आलोक पसीने और अतिरिक्त सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्रभाकर शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी नोटिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 1 अक्टूबर 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। नगर पालिक निगम भिलाई चरोदा की निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 23 अक्टूबर 2026 को किया गया था। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मतदाताओं के नाम दूसरे वार्डों में दर्ज होने की त्रुटि की जानकारी दी।

नोटिस में इस त्रुटि के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने में गंभीर लापरवाही बरतने तथा बीएलओ द्वारा प्रस्तुत आधार पत्रक 01 एवं 02 की समुचित जांच नहीं कराने का उल्लेख किया गया है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए चारों अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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