Falta Bypoll Result: फाल्टा में BJP की प्रचंड जीत से भड़के अभिषेक बनर्जी, काउंटिंग की रफ्तार पर उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए विशेष मतदान (री-पोलिंग) में बीजेपी के देबांग्शु पांडा ने 1,09,021 वोटों के ऐतिहासिक अंतर से प्रचंड जीत दर्ज की है

Falta Bypoll Result

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 25, 2026

Falta Bypoll Result: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने एकतरफा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बीजेपी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के शंभु नाथ कुर्मी को 1,09,021 वोटों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी है।

इस त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस पार्टी के अब्दुर रज्जाक मुल्ला महज 10,000 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर सिमट गए, जबकि राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के जहांगीर खान चौथे नंबर पर खिसक गए। इस चौंकाने वाले चुनावी परिणाम के बाद बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी और आरोपों का दौर बेहद तेज हो गया है।

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काउंटिंग की रफ्तार पर सवाल

नतीजों के सामने आने के बाद डायमंड हार्बर से टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और नतीजों पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने सीधे तौर पर चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए स्पष्टीकरण की मांग की है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इस चुनाव की काउंटिंग में बहुत सारी विसंगतियां और अजीबो-गरीब चीजें देखने को मिली हैं।

असामान्य स्पीड पर उठाया सवाल

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोकतांत्रिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब दोपहर 3 बजे तक केवल 2 से 4 राउंड की मतगणना ही पूरी हो पाती थी, लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने चमत्कारी रूप से दोपहर 3 बजे तक ही 21 राउंड की गिनती पूरी करके नतीजे घोषित कर दिए।

टीएमसी का गंभीर आरोप

अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी की इस जीत को धांधली का नतीजा बताते हुए केंद्रीय बलों और आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के 1000 से भी ज्यादा सक्रिय कार्यकर्ताओं और नेताओं को डरा-धमकाकर क्षेत्र से बाहर भगा दिया गया, लेकिन चुनाव आयोग आंखों पर पट्टी बांधकर मूकदर्शक बना रहा।

एजेंटों को हटाने का दावा

बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान दिन-दहाड़े टीएमसी के पार्टी कार्यालयों पर हमले किए गए और आदर्श आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि बीजेपी को छोड़कर अन्य सभी राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंटों को डराकर बूथों से बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने यह भी गंभीर आरोप जड़ा कि जनता के नाम वोटर लिस्ट से डिलीट करवाने वाले दागी चुनाव अधिकारी को इनाम के तौर पर बंगाल का मुख्य सचिव बना दिया गया है।

इत्र कांड और री-पोलिंग का पूरा विवाद

फाल्टा सीट पर चुनावी विवाद नया नहीं है। इससे पहले मतदान के दौरान कई बूथों पर ईवीएम मशीनों पर इत्र जैसी कोई चीज छिड़कने, विपक्षी दलों के चुनाव चिह्न को ढकने और बूथ कैप्चरिंग की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। इन गड़बड़ियों को देखते हुए चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए 29 अप्रैल को सभी 285 बूथों पर दोबारा मतदान (Re-polling) कराने का आदेश दिया था।

पुनर्मतदान के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम थे, जिसके चलते शाम 5 बजे तक रिकॉर्ड 86 फीसदी वोटिंग हुई और किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई। दिलचस्प बात यह भी रही कि टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव से पहले ही मैदान छोड़ दिया था, फिर भी तकनीकी कारणों से ईवीएम पर उनका नाम दर्ज था।

‘डायमंड हार्बर मॉडल’ ही टीएमसी की हार का कारण

बीजेपी की इस बंपर जीत पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए टीएमसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल में पिछले 15 साल बाद जनता को बिना किसी डर के खुलकर वोट डालने की आजादी मिली है, और इसी आजादी का नतीजा है कि सारा सच आज जनता के सामने आ गया है।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि टीएमसी अब एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि केवल एक ‘माफिया कंपनी’ बनकर रह गई है, जिसने राज्य की पूरी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके जनता की गाढ़ी कमाई को दोनों हाथों से लूटा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जिस ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का ढिंढोरा अभिषेक बनर्जी पीटते थे, वही मॉडल आज फाल्टा में टीएमसी की करारी हार और विनाश का सबसे बड़ा कारण बन गया है।

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