Falta By-Election: पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों से आ रही है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस उपचुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा बेहद मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर एकतरफा और ऐतिहासिक बढ़त बना ली है।
इस उपचुनाव का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला पहलू यह है कि सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मैदान छोड़ने के बाद जहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा था, वहीं वाममोर्चा (CPI-M) ने सबको चौंकाते हुए दूसरे स्थान पर अपनी जगह मजबूत कर ली है। कांग्रेस इस त्रिकोणीय मुकाबले में पिछड़कर तीसरे पायदान पर पहुंच गई है।
16वें राउंड की मतगणना
चुनाव आयोग की तरफ से जारी आधिकारिक और ताजा अपडेट के अनुसार, फाल्टा उपचुनाव के 16 राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है। शुरुआती राउंड से ही बढ़त बनाने वाले बीजेपी प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने हर बीतते राउंड के साथ अपनी जीत का अंतर और बड़ा कर लिया है। 16वें राउंड की समाप्ति तक देबांग्शु पांडा की झोली में कुल 94,460 वोट आ चुके हैं।
दूसरे नंबर पर वामदल: पांडा के सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी के रूप में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के उम्मीदवार शंभुनाथ कुर्मी उभरे हैं।
जीत का विशाल अंतर: बीजेपी उम्मीदवार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शंभुनाथ कुर्मी से 62,402 वोटों के विशाल और निर्णायक अंतर से आगे चल रहे हैं। इतनी बड़ी लीड के बाद अब फाल्टा सीट पर कमल खिलना लगभग तय माना जा रहा है।
टीएमसी को लगा सबसे बड़ा झटका
इस उपचुनाव के रुझानों ने सबसे बड़ा झटका पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) को दिया है। फाल्टा सीट को टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन इस बार पार्टी के भीतर मचे घमासान का असर नतीजों पर साफ दिख रहा है।
टीएमसी के घोषित उम्मीदवार और इस सीट के पूर्व कद्दावर नेता जहांगीर खान ने ऐन वक्त पर चुनाव लड़ने से ही साफ इनकार कर दिया था और मैदान छोड़ दिया था। हालांकि, तकनीकी रूप से उनका नाम मतपत्रों पर मौजूद रहा, लेकिन चुनाव में उनकी निष्क्रियता का खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा है। 16 राउंड की गिनती तक जहांगीर खान को महज 5,134 वोट ही नसीब हो सके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा रुझानों को देखते हुए टीएमसी उम्मीदवार की जमानत जब्त होना पूरी तरह तय है।
बंगाल की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत
फाल्टा विधानसभा सीट के इतिहास पर नजर डालें तो यहाँ लंबे समय से ममता बनर्जी की पार्टी का एकछत्र राज रहा है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में यहाँ से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) के शंकर कुमार नशकर ने शानदार जीत दर्ज की थी। वहीं, इससे पहले 2016 के चुनाव में भी टीएमसी के ही तमनोश घोष यहाँ से विधायक चुने गए थे।
बदलता राजनीतिक समीकरण
टीएमसी के इस पारंपरिक गढ़ में बीजेपी की यह प्रचंड बढ़त और तीसरे नंबर से उठकर सीपीआई(एम) का दूसरे नंबर पर आना बंगाल की भावी राजनीति में एक बड़े और नए समीकरण की ओर इशारा कर रहा है। कांग्रेस, जो यहाँ खुद को मुख्य विपक्ष मान रही थी, वह मतदाताओं को रिझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
हालांकि, अभी मतगणना के कुछ राउंड बाकी हैं और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की निगाहें अंतिम राउंड के नतीजों पर टिकी हुई हैं। लेकिन 16वें राउंड के इन चौंकाने वाले आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि फाल्टा की जनता ने इस बार लीक से हटकर बदलाव के पक्ष में मतदान किया है।










