Falta By-Election 2026: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बीजेपी की इस धमाकेदार सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी खुशी जाहिर की है और नवनिर्वाचित विधायक देबांशु पांडा को बधाई दी है। वहीं, राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त पर पीएम मोदी ने तीखा तंज कसा है।
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पीएम मोदी का पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (ट्विटर) पर पोस्ट कर फाल्टा की जनता का आभार जताया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा “फाल्टा की जनता ने अपना स्पष्ट फैसला सुना दिया है! यह लोकतंत्र की जीत है और धमकियों की हार है। देबांशु पांडा को रिकॉर्ड अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने पर हार्दिक बधाई। यह परिणाम भाजपा के प्रति पश्चिम बंगाल की जनता के अटूट और निरंतर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। जनता राज्य में भाजपा के सकारात्मक विजन को देख रही है और इसलिए उन्होंने हमें अपना आशीर्वाद दिया है।”
पीएम मोदी ने आगे लिखा कि वे पश्चिम बंगाल के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके जमीनी और उत्कृष्ट कार्यों के लिए बधाई देते हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि भाजपा आने वाले समय में भी पश्चिम बंगाल की प्रगति और विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम करती रहेगी।
बीजेपी उम्मीदवार की प्रचंड जीत
फाल्टा विधानसभा उपचुनाव के आंकड़ों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। भाजपा उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,09,021 वोटों के विशाल अंतर से एकतरफा जीत हासिल की। चुनाव में वोटों का गणित कुछ इस प्रकार रहा—
बीजेपी (देबांगशु पांडा): 1,49,666 वोट (विजेता)
सीपीआई-एम (शंभूनाथ कुर्मी): 40,645 वोट (दूसरे स्थान पर)
कांग्रेस (अब्दुर रज्जाक): 10,084 वोट (तीसरे स्थान पर – जमानत जब्त)
टीएमसी (जहांगीर खान): 7,783 वोट (चौथे स्थान पर – जमानत जब्त)
इस चुनाव में कांग्रेस और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस दोनों ही अपनी जमानत बचाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए।
क्यों बेहद खास और ऐतिहासिक है फाल्टा उपचुनाव का रिजल्ट?
फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग (Re-polling) कराई गई थी। इसके जो नतीजे आए हैं, वे पश्चिम बंगाल की राजनीति के इतिहास में दो वजहों से हमेशा याद रखे जाएंगे। जनवरी 1998 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना के बाद से यह पहली बार हुआ है, जब किसी चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी का उम्मीदवार खिसककर चौथे पायदान पर पहुंच गया है। साल 2011 में जब पश्चिम बंगाल से 34 साल के वामपंथी शासन का अंत हुआ और टीएमसी सत्ता में आई, तब से लेकर आज तक के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी विधानसभा चुनाव या उपचुनाव में टीएमसी उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई हो।
बंगाल विधानसभा में बढ़ा बीजेपी का कुनबा
देबांगशु पांडा की इस शानदार और रिकॉर्ड तोड़ जीत के साथ ही पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का ग्राफ और मजबूत हो गया है। इस जीत के बाद अब सदन में बीजेपी के विधायकों की कुल संख्या बढ़कर 208 हो गई है, जो राज्य में एक मजबूत राजनीतिक बदलाव का साफ संकेत है।










