राशन कार्डों का 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण

रायपुर. छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य

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Published On :

जनवरी 7, 2026

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रायपुर.

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारों को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।

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