
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों के हित में दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। देहरादून स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित दीपावली महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तहसील, जिला और प्रदेश स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही पत्रकारों को मिलने वाली पेंशन की राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस ऐलान को प्रदेश के पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Uttarakhand News: अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त मौका, सीएम धामी
उत्तरांचल प्रेस क्लब के दीपावली महोत्सव में पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 5 नवंबर को देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब की ओर से आयोजित दीपावली महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रेस क्लब के पदाधिकारियों, सदस्यों और प्रदेशभर से पहुंचे पत्रकारों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि रोशनी का यह पर्व हर परिवार के जीवन में खुशियां लेकर आएगा।
तहसील से राज्य स्तर तक बढ़ेगी पत्रकारों की मान्यता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में तहसील, जिला और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे अधिक पत्रकारों को सरकारी स्तर पर मान्यता मिलने का अवसर मिल सकेगा। इसके अलावा उन्होंने पत्रकार पेंशन की रकम बढ़ाने का भी ऐलान किया। हालांकि, पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और मान्यता के नए नियम क्या होंगे, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पत्रकारिता को बताया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ
धामी ने कहा कि पत्रकारिता केवल लोकतंत्र का चौथा स्तंभ नहीं है, बल्कि समाज और सरकार के बीच संवाद का एक मजबूत माध्यम भी है। पत्रकार सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाते हैं। साथ ही जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और शिकायतों को सरकार के सामने रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है और इससे सरकार को अपनी योजनाओं के जमीनी प्रभाव का आकलन करने में मदद मिलती है।
फेक न्यूज के दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ी
मुख्यमंत्री ने डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि तकनीक ने पत्रकारिता के क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए हैं। हालांकि, फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं का प्रसार बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे समय में पत्रकारों को तथ्यों की जांच करने के बाद ही खबरें प्रसारित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
पत्रकार कल्याण कोष की राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये

धामी ने बताया कि राज्य सरकार पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आपातकालीन सहायता और आवास जैसी जरूरतों को लेकर संवेदनशील है। सरकार पहले ही पत्रकारों की पेंशन राशि में बढ़ोतरी कर चुकी है। इसके अलावा पत्रकार कल्याण कोष की धनराशि 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है। सरकार का प्रयास है कि वरिष्ठ पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा मिले और जरूरत के समय उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मीडिया सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को जनसंचार और मीडिया के क्षेत्र में मजबूत केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के मीडिया केंद्रों को आधुनिक बनाने और प्रेस क्लबों को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने पत्रकारों से विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील भी की।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय सिंह राणा, महासचिव योगेश सेमवाल, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
Uttarakhand News: उत्तराखंड में चुनाव की नई व्यवस्था, 100 साल के











