
Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों और बागवानी से जुड़े उत्पादकों की आय बढ़ाने तथा उन्हें प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि अब प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को भी आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा। इस उद्देश्य से सरकार ने मधुमक्खी पालन को ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया है।
Haryana News: नायब सैनी ने खोला सरकारी खजाना, पेंशन से लेकर गैस
क्या है बीमा योजना का गणित और लाभ?

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस नई व्यवस्था के तहत मधुमक्खी पालकों को बेहद मामूली प्रीमियम पर बड़ा सुरक्षा कवच मिलेगा। मधुमक्खी पालकों को प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स के हिसाब से मात्र 50 रुपये का प्रीमियम देना होगा।
बीमा कवर और क्लेम: इस 50 रुपये के प्रीमियम के बदले उन्हें प्रति कॉलोनी व बॉक्स 1,250 रुपये का बीमा कवर प्राप्त होगा। किसी भी प्राकृतिक आपदा या अन्य जोखिम से नुकसान होने की स्थिति में एक मधुमक्खी पालक इस योजना के तहत अधिकतम 6 लाख 25 हजार रुपये (6.25 लाख) तक का बीमा क्लेम प्राप्त कर सकेगा।
शहद उत्पादकों के लिए भावांतर भरपाई योजना
मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ सरकार शहद उत्पादकों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 16 अगस्त 2025 को कुरुक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल करने की घोषणा की गई थी। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा शहद का संरक्षित मूल्य (Protected Price) 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है, ताकि बाजार में भाव गिरने पर किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।
प्रदेश में धान खरीद और भुगतान की ताजा स्थिति

मधुमक्खी पालकों को सौगात देने के साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही खरीफ फसलों की खरीद का ब्यौरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 29 सितंबर से प्रदेश की 278 मंडियों में धान की सरकारी खरीद सुचारू रूप से जारी है, जो आगामी 15 नवंबर तक चलेगी।
सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीदी जा रही है, जिसमें कॉमन धान का भाव 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का भाव 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि 5 नवंबर तक राज्य की मंडियों में कुल 48 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें से 43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी कर ली गई है। इसके अतिरिक्त, मंडियों से 37 लाख 20 हजार मीट्रिक टन धान का उठान भी सुनिश्चित किया जा चुका है और किसानों के खातों में सीधा 9,880 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
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