डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी 23 जून से 6 जुलाई तक का पखवाड़ा डॉ. मुखर्जी को होगा समर्पित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकीकरण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को निधन 23 जून 1953 को हुआ, जिसे राष्ट्रहित में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में देखा जाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विशेष

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Published On :

जून 22, 2026

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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी
23 जून से 6 जुलाई तक का पखवाड़ा डॉ. मुखर्जी को होगा समर्पित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकीकरण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को निधन 23 जून 1953 को हुआ, जिसे राष्ट्रहित में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में देखा जाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विशेष व्यवस्था के विरोध में आंदोलन किया था, उनका बलिदान राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक माना जाता है। डॉ. मुखर्जी शिक्षाविद, चिंतक, सांसद और दूरदर्शी राजनेता थे। डॉ. मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने वैचारिक राजनीति और संगठन निर्माण पर बल दिया और राष्ट्रहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखने का संदेश दिया। डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से उनकी जयंती 6 जुलाई तक विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय निकायों के महापौर तथा नगरपालिका अध्यक्ष को मुख्यमंत्री निवास से वी.सी. के माध्यम से संबोधित कर यह निर्देश दिए।

जनसेवा का अभियान हो पखवाड़ा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि युवा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने युवाओं को नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रेरित किया। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। पखवाड़े के दौरान युवा सम्मेलन, निबंध प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों द्वारा मार्गों और उद्यानों का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जा सकता है। इस प्रकार की पहल के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन, आवश्यक रूप से किया जाए तथा सक्षम स्तर से सभी स्वीकृतियां अवश्य ली जाएं। पखवाड़ा जनसेवा का अभियान होना चाहिए। पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। यह पखवाड़ा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।

 

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