Half Staff Flag : डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा आदेश, सभी अमेरिकी झंडे आधे झुकाने के निर्देश, जानिए फैसले की वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशभर में अमेरिकी झंडों को आधा झुकाने का आदेश जारी किया है। यह फैसला दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सम्मान में लिया गया। आदेश के बाद सरकारी इमारतों और संबंधित संस्थानों पर झंडे आधे झुके नजर आए। आखिर इस परंपरा का क्या महत्व है और फैसला क्यों लिया गया, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Half Staff Flag

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 13, 2026

Half Staff Flag :  अमेरिकी राजनीति के एक कद्दावर नेता और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी, सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे अमेरिका में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपने एक आधिकारिक बयान में ट्रंप ने घोषणा की कि लिंडसे ग्राहम के शानदार जीवन और देश के प्रति उनकी अमूल्य सेवाओं के सम्मान में, पूरे अमेरिका में सभी सरकारी इमारतों पर अमेरिकी झंडे शनिवार शाम 6 बजे तक आधे झुके रहेंगे। ट्रंप ने अपने मित्र को याद करते हुए कहा, “लिंडसे एक सच्चे देशभक्त थे, जिन्होंने न केवल अपने देश के लिए बल्कि अपने प्रिय गृह राज्य साउथ कैरोलिना के लिए भी अभूतपूर्व कार्य किए। उनकी कमी हमेशा खलेगी।”

अचानक बीमारी से हुआ निधन

सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन भारतीय समयानुसार 12 जुलाई को हुआ। उनके कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, शनिवार को एक “अचानक और छोटी बीमारी” के कारण उनका देहांत हो गया। लिंडसे के निधन की खबर ने अमेरिकी सत्ता के गलियारों में सन्नाटा फैला दिया है। वे न केवल एक अनुभवी सीनेटर थे, बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप के सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगियों में से एक माने जाते थे। उनके निधन के बाद से ही अमेरिकी राजनीति से जुड़े दिग्गजों और समर्थकों द्वारा उन्हें याद करने का सिलसिला जारी है।

ईरान नीति और कूटनीतिक रुख

लिंडसे ग्राहम अपनी मुखर और स्पष्टवादी नीतियों के लिए जाने जाते थे। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय मामलों में, ईरान के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने के उनके विचारों को व्यापक समर्थन प्राप्त था। पिछले कुछ वर्षों के दौरान, ईरान की परमाणु साइटों पर अमेरिका द्वारा कार्रवाई के समर्थन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे कूटनीतिक टकराव के दौरान भी वे काफी सक्रिय थे। उनकी रणनीतिक सोच और विदेश नीति पर उनकी पकड़ को ट्रंप प्रशासन में भी काफी महत्व दिया जाता था, जो उनके प्रभावपूर्ण राजनीतिक करियर का एक प्रमुख हिस्सा रही है।

राष्ट्रपति पद की महत्वाकांक्षा से ट्रंप के भरोसेमंद बनने तक का सफर

लिंडसे ग्राहम का राजनीतिक सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। साल 2016 के दौरान उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी से अमेरिका के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की प्रबल इच्छा जताई थी और चुनावी दौड़ में शामिल हुए थे। हालांकि, जब डोनाल्ड ट्रंप ने जीत हासिल की, तो वे उनके कट्टर समर्थक बन गए। ट्रंप और ग्राहम की मित्रता राजनीतिक दायरे से बाहर भी काफी चर्चित थी। वे अक्सर ट्रंप के साथ गोल्फ कोर्स में देखे जाते थे, जहाँ दोनों के बीच घंटों लंबी राजनीतिक चर्चाएँ होती थीं। यह घनिष्ठता उनके बीच के गहरे आपसी भरोसे को दर्शाती है।

अमेरिकी राजनीति में लिंडसे ग्राहम का योगदान और विरासत

सीनेटर लिंडसे ग्राहम को अमेरिकी इतिहास में एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और पार्टी के प्रति निष्ठा के साथ देश की सेवा की। एक महत्वाकांक्षी राजनेता से लेकर राष्ट्रपति के प्रमुख सलाहकार तक का उनका सफर कई लोगों के लिए उदाहरण है। उनके निधन से अमेरिका ने एक ऐसा नेता खो दिया है, जो हर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दे पर अपनी निर्भीक राय रखने के लिए जाना जाता था। आने वाली पीढ़ियाँ उन्हें उनके द्वारा लिए गए साहसी फैसलों और साउथ कैरोलिना के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए सदैव याद रखेंगी।

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